
चार-चार दिन तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसान
शिवपुरी। जिलेभर में खरीदी केन्द्रों पर अव्यवस्थाएं होने से किसान परेशान है। स्थिति यह है कि न तो किसानों के लिए पीने का पानी नसीब हो पा रहा है और न ही छाया। इतना ही नहीं उपज की तुलाई का नंबर भी चार-चार दिन तक आ रहा है। ऐसे में किसान सड़क पर ट्रोलियों के नीचे रात गुजारने को मजबूर बने हुए हैं। किसानों का आरोप है कि तुलाई केन्द्र के कर्ताधर्ताओं द्वारा किसानों के साथ भेदभाव कर टोकन बांट रहे हैं जिससे ईमानदार किसानों का नंबर ही नहीं आ पाता है। जबकि चालक किसान सांठगांठ कर एक ही ट्रॉली पर ज्यादा नंबर लेकर तीन-चार ट्रॉलियां तुलवा रहे हैं। आरोप तो यहां तक है कि टोकन के नाम पर किसानों से खुलेआम वसूली की जा रही है।
केन्द्रों पर बढ़ रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
किसानों का कहना है कि सायलों खरीदी केंद्र पर उपज तुलाने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। किसान कल्लू यादव, सुनील शिवहरे, देवेंद्र जाटव, हरिओम कुशवाह, राजेंद्र रघुवंशी, दीपक चंदेले आदि की माने तो यहां पर तुलाई का नंबर चार-चार दिन में आ रहा है। इतना ही नहीं यहां पानी, छाया की व्यवस्था नहीं होने से ट्रॉलियां के नीचे रात बिताने को मजबूर बने हुए हैं। साथ ही नंबर देरी से आने से ट्रैक्टर ट्रॉलियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकेले पडोरा सायलो पर अभी वर्तमान में तीन हजार के लगभग ट्रॉलियां खड़ी हुई हैं जिसमें से अधिकांश सड़क किनारे व सड़क पर डेरा जमाए हुए हैं। इसके अलावा जिले के अन्य खरीदी केन्द्रों भी स्थिति बदतर है।
टोकन के नाम पर किसानों के साथ छलावा
गेहूं की उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए सायलो पहुंचे किसानों का आरोप है कि सायलो केंद्र के कर्मचारियों द्वारा भेदभाव कर टोकन बांटे जा रहे हैं, जिससे सीधे-साधे अनपढ़ किसान परेशान बने हुए हैं। वहीं सायलो केंद्र प्रभारी की माने तो किसान ही मार्क वाले निशान को हटाकर पुन: बेईमानी से टोकन प्राप्त कर लेते हैं जिससे अब हमने टोकन बंद कर दिए हैं, सिर्फ सुबह 9 बजे तक परिसर में इंट्री देते हैं शेष सड़क पर खड़े रहते है।






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