
कार्यशाला में बच्चों को पढ़ाया अधिकार,कर्तव्य एवं कानून का पाठ
शिवपुरी। सुरक्षित जीवन जीना हर बच्चे का अधिकार है। आपकी सुरक्षा के लिये अनेकों कठोर कानून बने है,किंतु आपका विरोध न करना अपराधों को बढ़ावा देता है।बाल यौन शोषण निरोधक कानून में सजा के कठोरतम प्रावधान किया गया है।अब सिर्फ शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने की जरूरत है। सामाजिक छवि के तले दबकर बहुत हिंसा सहन हो गई,,अब मुखर होकर शोषण की खिलाफत करने का समय आ गया है। जब तक खिलाफत नहीं करोगे,अपराध और अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे। यह सुझाव केंद्रीय विद्यालय में आयोजित तरुण उत्सव के तहत जागरूकता शिविर में बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा ने बच्चों को दिया।
सामाजिक संस्था बसुंधरा कुटुंबकम के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में अधिकारी शर्मा ने बच्चों को बताया कि बचपन की यौन शोषण से सुरक्षा के लिये महिला एवं बाल विकास द्वारा चुप न रहें मां से कहें कैम्पेन चलाया है। जिसके तहत स्कूलों में बच्चों को यौन हिंसा से बचाव के लिये जागरूक किया जा रहा है। उन्हें सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान करना सिखाया जा रहा है। साथ ही युवाओं से बचपन की सुरक्षा का एक संकल्प पत्र भी भरवाया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय की बरिष्ठ शिक्षक पूनम सक्सेना, वसुंधरा संस्था की अध्यक्षा समीक्षा भार्गव, संजना धाकड़,अरविंद धाकड़,डिफेंस ट्रेनर पूनम यादव एवं विद्यालय के अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मयंक राठौर ने किया।






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