
शिवपुरी। हैप्पीनेस कैफे में ओपन माइक पोएट्री इवेंट का आयोजन हुआ। जिसमें कविताओं का पाठ कुछ यूं रहा।
अंधकार मिटाओ, जलो नहींं फ़कत जगमगाओ।
नामुमकिन है किसी के जैसा बन पाना, हर किसी की किस्मत में नहीं है पावन गंगा और घाट बनारस का कहलाना।
दिव्या भागवानी ने सुनाया।
आशीष शर्मा ने सुनाया ये दिल अपनी बातों से फिर पलटी खा गया।
अजी ये दिल है जनाब फिर किसी लड़की पर आ गया.. मयंक राठौर ने कहा
अपनों के बीच अपना नाम लिखता हूं दुश्मनों में भी पैगाम लिखता हूं
विवेक वासवानी मेरे ख्वाबों के सफर में मेरा हमसफ़र बन गया है वो
सच कहता हूँ दुनिया
अब देखी है मैंने
जब से थामा है मेरे नसीब ने उसका हाथ दोस्तों।
रिया माथुर ने सुनाया,
महफ़िल महफ़िल हर्फ़ पढू मैं
वो उर्दू का अंदाज हुआ,
दुनिया दीवानी उसकी यार,
मेरा यार तो देखो चाँद हुआ,
इसी तरह सिकिमरन कोटिया, अपूर्वा श्रीवास्तव, यश खरे,
शुभम शर्मा ने भी अपनी अपनी कविताओं का पाठ किया..
जिसमें युवा कवि मयंक राठौर, आशीष शर्मा, विकास शुक्ल, विवेक वासवानी, यश खरे, शुभम शर्मा और युवा कवित्री अपूर्वा श्रीवास्तव, सिमरन कोटिया शामिल हुए।






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