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स्वस्थ्य शरीर, स्वस्थ्य विचारों का प्रगटीकरण होता है इसलिए अपनाऐं स्वस्थ जीवन शैली : अशोक वाष्र्णेय | Shivpuri News


आरोग्य भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा स्वस्थ्य जीवन शैली विषय पर संगोष्ठी आयोजित

शिवपुरी- आज के व्यस्ततम जीवन के कारण मनुष्य अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दे पा रहा है जबकि स्वस्थ्य शरीर से ही स्वस्थ्य विचारों का प्रगटीकरण होता है जो स्वस्थ्य राष्ट्र के लिए आवश्यक है, इसलिए आरोग्य भारती द्वारा मानव जीवन को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाऐं और दुर्गणों को जीवन से बाहर करें, स्वस्थ जीवन शैली ही स्वस्थ विचाराधाराओं की परिचायक होती है। उक्त उद्गार प्रकट किए आरोग्य भारती मध्य भारत प्रांत के राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक वाष्र्णेय ने जो स्थानीय संघ कार्यालय पर आरोग्य भारती द्वारा स्वस्थ्य जीवन शैली विषय पर आयोजित संगोष्ठी को मुख्य वक्ता की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.सत्यप्रकाश बत्रा अध्यक्ष मध्य भारत प्रांत आरोग्य भारती व विशिष्ट अतिथि डॉ.शैलेन्द्र गुप्ता जिला संयोजक चिकित्सा प्रकोष्ठ भाजपा मंचासीन थे। संगोष्ठी का संचालन डॉ.आकाश कटारिया द्वारा किया गया जबकि आभार प्रदर्शन आरोग्य भारती के जिला संयोजक डॉ.पी.के.मलिक द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में आरोग्य भारती से जुड़े डॉ.मैथिलीशरण मिश्रा, डॉ.शांतिलाल जैन, डॉ.आकाश कटारिया, डॉ.जितेन्द्र वर्मा, डॉ.दिनेश जैन, घनश्याम बालौठिया, ग्यासी लाल कुशवाह, मनोज सोनी, रमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। 


स्वस्थ जीवन शैली के लिए अपनाऐं स्वस्थवर्धक जानकारी : डॉ.सत्यप्रकाश बत्रा 

कार्यक्रम में आरोग्य भारती के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष डॉ.सत्यप्रकाश बत्रा ने अपने संबोधन में स्वस्थ जीवन शैली के लिए ज्ञानवर्धक जानकारियों पर बल दिया और उन्हें अपनाने का आह्वान किया ताकि स्वस्थ जीवन शैली के साथ स्वस्थ जीवन जीया जाए। डॉ.बत्रा ने विभिन्न प्रकार की जानकारी कुछ इस प्रकार से दी जिसमें बताया कि किस प्रकार से स्वस्थय जीवन शैली को अपनाया जा सकता है जिसके तहत क्या हम सूर्योदय से पहले उठते है, क्या प्रात: उठने के बाद खाली पेट पानी पीते है, क्या प्रात: उठने के बाद व्यायाम, पैदल सैर अथवा योग आदि करते है, क्या प्रतिदिन प्रात: काल नहाते है, क्या मन को स्वस्थ रखने के लिए धयान, पाठ अथवा प्रभु का स्मरण करते है, क्या प्रतिदिन समय पर नियमित जलपान भोजन आदि करते है, क्या भोजन करते समय 60प्रतिशत भोजन,20प्रतिशत वायु 20प्रतिशत जल के नियम का पालन करते है, क्या भोजन ग्रहण करने के तुरंत बाद जल ग्रहण करते है अथवा 90 मिनिट उपरांत जल ग्रहण करते है, क्या रात्री में सोने से पूर्व 4घण्टे अथवा 2घंटे पूर्व भोजन करते है, क्या सोने से पूर्व हाथ मुंह धोकर मंजन कर सोते है, क्या सोते समय अंधेरा कर सोते है, क्या रात में सोते समय 3जी अथवा 4जी फोन पास रख सोते है, क्या प्रतिदिन नेट इंटरनेट का उपयोग व्यवसाय के अतिरिक्त 4घंटे प्रतिदिन करते है, क्या प्रतिदिन परिवार के साथ बैठकर स्वस्थ हसी मजाक अथवा वार्तालाप करते है आदि बिन्दुओं को यदि मनुष्य स्वयं जांच ले कि वह कितने प्रतिशत स्वस्थ है तो यही स्वस्थ जीवन शैली का परिचायक है। इन्हें अपनाऐंगें तो व्यक्ति सदैव स्वस्थ बना रहेगा। 

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