
बाल यौन शोषण रोकथाम की कार्यशाला में अपराधों के नियंत्रण पर चर्चा
पोक्सो कानून में अपराध की आशंका पर भी शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान
शिवपुरी। किसी अपराध की शिकायत केवल आशंका के आधार पर नहीं की जा सकती,किंतु पोक्सो(प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस)कानून के तहत यदि बच्चे को किसी व्यक्ति से संभावित खतरे का आभास होता है तो वह इस कानून के अंतर्गत शिकायत दर्ज करा सकता है।कानून में बच्चों के प्रति दूषित मानसिकता को भी अपराध माना गया है यह विचार लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण विषय पर होटल हैप्पीनेस में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में न्यायाधीश उमेश भगवती ने व्यक्त किये।
न्यायाधीश भगवती ने कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बालकों के लैंगिक शोषण की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रहीं है,जो गंभीर चिंतन का विषय बन गईं है। खामोशी इन अपराधों को बढ़ावा दे रही है।बचपन की सुरक्षा के लिये यह आवश्यक है कि जिसे भी इस प्रकार के अपराध की जानकारी हो,उस व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपराध की सूचना सम्बंधित पुलिस थाने को दे। जानकारी होने के बाद अपराध को छुपाना भी अपराध माना गया है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के शोषण के ज्यादातर मामलों में अपराधी बच्चे के नजदीकी व्यक्ति होते है। कोई लोक सेवक या संरक्षक इस प्रकार का अपराध करता है तो उस अपराध को गंभीर माना जाता है तथा उसके लिये उसे अधिक सजा का प्रावधान किया गया है।बच्चे का भरोसा तोड़कर इस कानून के तहत किया गया सामान्य अपराध भी गंभीरतम अपराध माना जायेगा।
न्यायाधीश ने कहा कि केबल कठोर कानून बन जाने से अपराधों को नहीं रोका जा सकता,अपराधों के नियंत्रण के लिये जागरूक होकर अपराधों का विरोध करना होगा।न्यायाधीश तन्वी महेश्वरी ने कानून के प्रावधानों के साथ ही पीडि़त प्रतिकर योजना के सम्बंध में जानकारी देते हुए कहा कि पीडि़त के दर्द को हम मिटा नहीं सकते,उस दर्द का असर जीवन भर रहता है,किंतु कानून में पीडि़त के जख्म पर मरहम लगाने के लिये प्रतिकर(छतिपुर्ति मुआवजा) की व्यवस्था भी की गई है। न्यायाधीश महेश्वरी ने कहा कि अपराधों के नियंत्रण के लिये समाज को मानवीय गुणों नैतिक मूल्यों की शिक्षा की जरूरत है। वर्तमान की सबसे बड़ी त्रासदी नैतिक मूल्यों का पतन है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड सदस्य प्रतिभा पांडेय एवं रामभजन राठौर प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी आकाश अग्रवाल,श्रम निरीक्षक निशांत श्रीवास्तव,बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा,सामाजिक कार्यकर्ता जीतेश जैन, जितेंद्र दांगी,परामर्शदाता प्रमोद दोहरे,आउटरीच कार्यकर्ता मनीष शर्मा,विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी दिनेश सेंगर,महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, चाइल्ड लाइन एवं परहित सामाजिक संस्था के क्षेत्रीय कार्यकर्ता एवं शौर्यादल सदस्य उपस्थित थे।






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