शिवपुरी। मध्यप्रदेश शिक्षक काँग्रेस ने आज 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के लिए सौंपा।
मध्यप्रदेश शिक्षक काँग्रेस के जिलाध्यक्ष रशीद खान साबिर ने बताया कि आज शिक्षकों ने अपनी जिन विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा उनमें सहायक शिक्षक से शिक्षक, शिक्षक से प्रधानाध्यापक, प्रधानाध्यापक से व्याख्यता के पद नाम पात्रता अनुसार दी जाए, शिक्षक संवर्ग को वर्ष 1998 में काटी गई अवकाशावधि के बदले में 10 दिवस के अर्जित जो कि पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा 2008 से बंद कर दिया है उसे पुन: बहाल किया जाकर 10 दिवस का अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए, एक शाला एक परिसर की अव्यवहारिक आदेश को निरस्त कर पूर्वत: रखना, तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधानाध्यापक को व्याख्याता संवर्ग के अनुसार 10 वर्ष, 20 वर्ष, 30 वर्ष की सेवा उपरांत दिया जाए, सहायक शिक्षकों के पदनाम आदेश तत्काल जारी किए जायें, सातवें वेतनमान की द्वितीय किश्त का भुगतान जिन जिलों में नहंी किया, उन जिलों में जून माह में सातवां वेतनमान प्रदान किया जाए, अध्यापक संवर्ग को सातवां वेतनमान प्रदान किया जाए, गुरूजनों की नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता दी जाए, ई अटेंडेंस शिक्षकों के मान सम्मान के अनुकूल नहीं है, अत: आदेश तत्काल निरस्त किए जायें, अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक पद पर नियुक्त की जाए, ग्रीष्म अवकाश के समय सभी विभागीय प्रशिक्षण तत्काल निरस्त किये जायें, प्राथमिक, माध्यमिक हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलों में रिक्त शिक्षकों एवं प्राचार्यों के पद शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होने के साथ भरे जायें, अध्यापकों का नवीन पदनाम प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक के स्थान पर मूल पदनाम सहायक शिक्षक, व्याख्याता की जाए, अनुकम्पा के नियमों का सरलीकरण करते हुए बगैर किसी बाध्यता के अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाएं। आज ज्ञापन सौंपने वालों में महेश प्रसाद भार्गव प्रांतीय सचिव, धर्मेन्द्र सिंह रघुवंशी सम्भागीय महामंत्री, मजीद कुर्रेशी ब्लॉक अध्यक्ष, कल्याण वर्मा, अब्दुल हमीद, रफीक खान, आनंद शर्मा आदि शामिल हैं।





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