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बिना हरि नहीं मिल सकेगा ज्ञान रू महाराज पूर्णानंद | Shivpuri News

आज मनाया जाएगा मातृ जन्मोत्सव, कार्यक्रम में महंत ने दिया श्रीमद् भागवत ज्ञान का संदेश

शिवपुरी-जिस प्रकार से खेत को हरा-भरा और अच्छी फसल चाहिए होती है तो इसके लिए भूमि को उपजाऊ बनाना पड़ता है खुदाई, जुताई और बीज डालते है तब कहीं जाकर अच्छी फसल प्राप्त होती है इसी प्रकार का मानव है इसे भी अच्छा जीवन जीने के लिए अच्छे कर्म करने होंगें, श्रीमद् भागवत गीता में कहा गया है बिना हरि नहीं मिल सकेगा ज्ञान, इसलिए जीवन को जीना है तो हरि ज्ञान को धारण करें, अच्छे कर्म कर अपने जीवन को मोक्ष प्रदाय करने वाला बनाए, दूसरों की मदद करें, सत्य बोलें, भलाई के काम करें, काम-क्रोध-लोभ-मोह-माया के पीछे ना पड़े इससे जीवन व्यर्थ और कहे तो कृषक के रूप में बेजान खेत पर खरपतवार की तरह हो जाएगा। इसलिए मानव सेवा, पशु सेवा, गौ सेवा करें यह सभी कार्य मोक्ष प्रदान करने वाले है। उक्त आर्शीवचन दिए पूज्य गुरूदेव संत श्री पूर्णानंद जी महाराज ने जो स्थानीय झांसी रोड़ स्थित चौधरी परिवार द्वारा आयोजित स्व.श्रीमती विमला चौधरी स्मृति में आयोजित मातृ जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान उपस्थित धर्मप्रेमीजनों को गीता ज्ञान का पाठ संदेश के रूप में प्रदान कर रहे थे। इस दौरान योगाचार्य श्री गोविन्दामृता जी महाराज भी विशेष रूप से मौजूद रहे जिन्होंने योग की विभिन्न क्रियाओं को कराकर स्वस्थ मानव जीवन के गुणों का लाभ धर्मप्रेमीजनों को दिया। चौधरी परिवार के जयप्रकाश-सुनील कुमार चौधरी परिवार द्वारा आयोजित चार दिवसीय मातृ जन्मोत्सव कार्यक्रम में प्रतिदिन गीता ज्ञान का पाठ धर्मप्रेमीजनों को बताया जाता है ताकि मानव भागवत गीता के बताए मार्ग पर चलकर अपना कल्याण करें। कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रतिदिन प्रात: 6 से 7 बजे तक नियमित रूप से योगाभ्यास, सायं 6 से 9 बजे तक भजन, अमृतवाणी पाठ होगा जो पूज्यनीय गुरूदेव संत श्री पूर्णानंद जी महाराज एवं श्री गोविन्दामृता जी महाराज के श्रीमुख द्वारा ओजस्वी वाणी में भक्ति भाव का संदेश अमृतवाणी पाठ एवं प्रवचनों के माध्यम से दिया जा रहा है। इसी क्रम में आज कार्यक्रम के समापन दिन पर प्रात: 7 से 9 बजे तक मातृ एवं संत पूृजन, व प्रात: 9 से 11 बजे तक बुजुर्ग माताओं का सम्मान समारोह एवं सायं 4 बजे से 8 बजे तक भण्डारा प्रसादी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मातृ जन्मोत्सव का महत्व जन-जन को दिया जाएगा और वह बुजुर्ग माताऐं जिन्होंने अपने घर-परिवार के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया हो साथ ही ऐसी बुजुर्ग माताओं को भी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।  
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