
गुना। 20 जुलाई को ग्राम इमलिया के पास पार्वती नदी में अज्ञात महिला की लाश मिली थी। महिला के दोंनों पैर उसकी साड़ी से बंधे होकर पैरें में एक बड़ा पत्थर बंधा हुआ था।
धरनावदा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नदी में मिली लाश की पहचान संगीता पत्नि वृजेश यादव उम्र 35 साल निवासी ग्राम रत्नागिर थाना धरनावदा के रूप में हुई। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौके पर पहुंचे व घटना स्थल का वारी से निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने से घटना की गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक राहुलकुमार लोढा द्वारा थाना प्रभारी धरनावदा उनि नीरज विरथरे को घटना का खुलासा कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये। जांच प्रारंभ की गई। मृितका के ससुराल ग्राम रत्नागिर स्थित घर पर जाकर उसके परिजनों को तलाश किया तो घर से सभी लोग गायब होना पाये गये। मृतिका के ससुराल पक्ष के लोगों का घर से गायब होने एवं मृतिका के मायके पक्ष के लोगों द्वारा ससुराल पक्ष पर हत्या करने का शक जाहिर करने से मृतिका पति एवं अन्य परिजनों की लगातार तलाश की गई। इसी क्रम में आज मृतिका के पति वृजेश यादव के रूठियाई रेलवे स्टेशन पर होने की सूचना मुखविर द्वारा प्राप्त हुई तो तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची एवं बृजेश यादव को घेराबंदी कर अभिरक्षा में ले लिया तथा उसने पूछताछ पर बताया कि संगीता के चरित्र (चाल-चसन) पर शंका होने पर मेरे द्वारा उसे समझाने के दौरान वह मुझसे मुंहबाद करने लगी तो मैने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसकी डंडे से मारपीट कर लाश को ट्राली में रख पार्वती नदी में ले जाकर फेंक दिया था।
इस अंधे कत्ल का शीघ्र खुलासा करने में एसडीओपी चांचैड़ा बी.पी. तिवारी, एफएसएल अधिकारी आरसी अहिरवार के दिशा निर्देशों से थाना प्रभारी धरनावदा एसआई नीरज विरथरे, झागर चैकी प्रभारी एएसआई महेन्द्र सिंह चैहान, एएसआई अशोक दुवे, प्र.आर. सीताराम धुर्वे, गोपाल बाबू, आरक्षक दिनेश शर्मा, रामनिवास शर्मा, रघुकुल तिलक, विवेक रामजीत गुर्जर, आदित्य टुण्डेले, विष्णु गुर्जर की सराहनीय भूमिका रही।






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