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खुशखबरी: जिले के 6 अस्पतालों को 7 डॉक्टर मिलें ,सबसे ज्यादा कोलारस को मिले | Shivpuri News

रन्नाौद, खतौरा, लुकवासा, बैराड़, मुहारी और करैरा अस्पताल को मिले डॉक्टर
बैराड़। जिले के 6 अस्पतालों को 7 डॉक्टर मिल गए हैं। प्रदेश स्तर से जारी हुई 402 डॉक्टरों की सूची में रन्नाौद, लुकवासा, खतौरा, मुहारी और करैरा को एक एक जबकि बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दो डॉक्टर मिले हैं। बैराड़ में लंबे समय से डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। इससे इलाके के लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा। दुर्घटना में घायलों की मौत हो रही है। बीमारों को रेफर होना पड़ रहा है। इस ओर स्थानीय लोगों ने भी आवाज बुलंद की। नौबत आंदोलन तक आ गई। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक सुरेश राठखेड़ा ने भी स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात की और उनकी आवाज सुन ली गई है। बैराड़ अस्पताल को 2 डॉक्टर मिल गए हैं।

अपर संचालक स्वास्थ्य सेवा डॉ. कैलाश बुंदेला ने 402 डॉक्टरों की तबादला सूची जारी की है। इनमें कुछ डॉक्टर शिवपुरी जिले को मिले हैं। उन्हीं में दो डॉक्टर बैराड़ के शामिल है। दोनों डॉक्टर बैराड़ आ गए तो लोगों की मुश्किल दूर हो सकती है। साल 2019 की चिकित्सा स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले डॉक्टरों को शिवपुरी जिले में जाने का आदेश मिला है। इन्हें 15 दिन में ज्वाइन करना होगा और 55 हजार वेतन मिलेगा।

यह दो डॉक्टर आए शिवपुरी

डॉक्टर ख्याति गुप्ता जबलपुर मेडिकल कॉलेज से बैराड़ स्थानांतरित की गई है। वहीं डॉक्टर महिमा को रीवा मेडिकल कॉलेज से बैराड़ स्थानांतरित किया गया है। इन डॉक्टरों के मिलने के बाद हालात बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है।

रन्नाौद, खतौरा, मुहारी और करैरा को मिले डॉक्टर

डॉक्टरों की तबादला सूची में रन्नाौद, खतौरा, मुहारी और करैरा को भी डॉक्टर मिले हैं। इनमें जीएमसी भोपाल से कामिनी गोयल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा, एनएससीबी जबलपुर से जुझार कपाड़िया को मगरौनी, जीएमसी भोपाल से जयप्रकाश साहू को रन्नाौद, ग्वालियर की सौम्या गुप्ता को खतौरा, एमजीएम इंदौर से पिंटू विश्वास को मुहारी, एमजीएम इंदौर से रीतेश गड़रिया को पीएचसी लुकवासा भेजा गया है।

बामौरकलां अब भी खाली

बामौरकलां स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ माह से डॉक्टर नहीं हैं। बावजूद इसके यहां के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां बीते लंबे समय से डॉक्टर न होने से लोगों को पिछोर या झांसी व शिवपुरी जाना पड़ता है।

सभी डॉक्टर आते हैं या नहीं देखना होगा

बाते करें तो साल 2017 की चिकित्सा स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कुछ डॉक्टरों को जिला अस्पताल में आने का आदेश मिला था। वह बंध पत्र के तहत एक वर्ष की अनिवार्य सेवा का आदेश था। तब जिला अस्पताल के आईसीयू पर ताले झूल रहे थे, तब अस्पताल में तत्कालीन भाजपा सरकार ने भेजा था, लेकिन वे डॉक्टर नहीं आए थे।

कांग्रेस की सरकार, सबसे ज्यादा डॉक्टर मिले भाजपा विधायक को

जिले में 7 डॉक्टर भेजे जाने का आदेश निकला है। इसमें सबसे ज्यादा डॉक्टर कोलारस अनुविभाग को मिलने जा रहे हैं। यहां लुकवासा, खतौरा, रन्नाौद शामिल हैं। यह इलाका भाजपा विधायक कोलारस वीरेन्द्र रघुवंशी का क्षेत्र हैं। लोगों का कहना है कि कांग्रेस की सरकार है लेकिन सात में से 3 डॉक्टर एक साथ रघुवंशी के खाते में भेजे गए हैं।

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