
शिवपुरी। शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में 24 सितंबर 2019 को एनएसएस दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री महेंद्र कुमार प्रो वी के जैन प्रो नवल किशोर कार्यक्रम अधिकारी इकाई 1, प्रो. राकेश शाक्य कार्यक्रम अधिकारी इकाई 2 एवं डॉ रामजी दास राठौर सहायक कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस के साथ एनएसएस के स्वयंसेवक एवं महाविद्यालय की अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी प्राचार्य प्रो. महेंद्र कुमार द्वारा महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की गई। प्रो० नवल किशोर कार्यक्रम अधिकारी इकाई 1 ने बताया कि महात्मा गांधी के जन्म शताब्दी के उपलक्ष पर 24 सितंबर 1969 को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना हुई थी। जिसका मुख्य उद्देश्य छात्र में सामाजिक व रचनात्मक कार्यों के प्रति उन्हें जागरूक करना होता है। एनएसएस राष्ट्र की युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक कार्यक्रम है, इसकी गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते हैं।
एनएसएस दिवस के बारे में जानकारी देते हुए सहायक कार्यक्रम अधिकारी एन एस एस डॉ रामजी दास राठौर ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सफाई ,आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ित लोगों की सहायता आदि कार्य करते हैं। विद्यार्थी जीवन से ही समाजोपयोगी कार्य में रत रहने से उनमें समाज सेवा या राष्ट्र सेवा के गुणों का विकास होता है।
उन्होंने आगे बताया ने बताया कि एनएसएस की वार्षिक गतिविधियां पूरे वर्ष चलती रहती हैं जिनमें प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार हैं;
2 जुलाई- पौधरोपण अभियान की शुरुआत।अगस्त- जागरूकता कार्यक्रम।सितंबर- सद्भावना शिविरों का आयोजन। इसके माध्यम से शहर की बस्ती, कॉलोनियों में जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को आपसी सद्भाव का संदेश दिया जाता है। 24 सितंबर को एनएसएस-डे मनाया जाता है। सितंबर में ही प्री-आरडीसी कैंप की शुरुआत होती है।अक्टूबर- युवा सप्ताह की शुरुआत, इसमें विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए कार्यक्रम होंगे।दिसंबर- स्वच्छता पखवाड़ा के विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
एनएसएस में बेहतर कार्य करने वाले छात्र छात्राओं को तीन प्रकार के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं
ए-सर्टिफिकेट- यह कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को मिलता है, जिन्होंने 11वीं से एनएसएस ली और 2 साल गतिविधियों में हिस्सा लिया। बी- सर्टिफिकेट- प्रथम वर्ष में 120 घंटे कार्य करने वालों को यह दिया जाता है, जिनके पास ए-सर्टिफिकेट है।
सी-सर्टिफिकेट- 120 घंटे कार्य के आधार पर मिलता है। इसमें सामाजिक विकास पर आधारित प्रोजेक्ट भी विद्यार्थियों को करना होते हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना का आदर्श वाक्य या दृष्टिकोण है: ‘मुझे नहीं बल्कि आप’। यह लोकतांत्रिक जीवन के सार को दर्शाता है और निःस्वार्थ सेवा की आवश्यकता को बनाए रखता है और दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण की सराहना करता है और यह साथी मनुष्यों के लिए विचार दिखाने के लिए भी है। यह रेखांकित करता है कि एक व्यक्ति का कल्याण अंततः समाज के कल्याण पर निर्भर है। इसलिए एनएसएस के अपने दिन-प्रति-दिन कार्यक्रम में इस आदर्श वाक्य का प्रदर्शन करने का लक्ष्य होना चाहिए। राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रतीक उड़ीसा में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर के ‘रथ’ पहिया पर आधारित है। सूर्य मंदिर के ये विशाल पहिये सृजन, संरक्षण और रिहाई के चक्र को चित्रित करते हैं और समय और स्थान पर जीवन में आंदोलन को दर्शाते हैं। प्रतीक का डिजाइन, सूर्य-रथ पहिया का एक सरलीकृत रूप मुख्य रूप से आंदोलन दर्शाता है। पहिया जीवन के प्रगतिशील चक्र को दर्शाता है। यह निरंतरता के साथ-साथ परिवर्तन और सामाजिक परिवर्तन और उत्थान के लिए एनएसएस के निरंतर प्रयासों का तात्पर्य है।
एनएसएस के छात्र प्रद्युम्न गोस्वामी ने बताया कि एनएसएस प्रतीक एनएसएस बैज पर उभरा है। प्रतीक में कोणार्क व्हील में आठ बार हैं जो दिन के 24 घंटे का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए, बैज घड़ी पहनने वाले को घंटों के दौरान देश की सेवा के लिए तैयारी में याद दिलाता है यानी 24 घंटों तक। बैज में लाल रंग इंगित करता है कि एनएसएस स्वयंसेवक रक्त से भरे हुए हैं यानी जीवंत, सक्रिय, ऊर्जावान और उच्च भावना से भरे हुए हैं। नौसेना का नीला रंग ब्रह्मांड को इंगित करता है जिसमें से एनएसएस एक छोटा सा हिस्सा है, जो मानव जाति के कल्याण के लिए अपने हिस्से का योगदान करने के लिए तैयार है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उठे समाज के लिए- जगह राष्ट्र के लिए गीत गाकर छात्रों को प्रेरित किया कर किया। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी इकाई 1 प्रो० नवल किशोर , कार्यक्रम अधिकारी इकाई 2 प्रो०राकेश शाक्य ,डॉ. रामजी दास राठौर, डॉ वीके जैन ,प्रो० हरीश अंब प्रो जसवंत जाटव एवं गब्बर सिंह परिहार के साथ-साथ अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के कर्मठ स्वयंसेवक शिवम मित्तल , देवेश धानुक, विशाल करोसिया ,प्रद्युम्न गोस्वामी ,दीपेश दुबे ,पीयूष जैन, आदर्श जैन ,अनुप्रिया तंबर, साक्षी गुप्ता के साथ अन्य राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।






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