
शिवपुरी। ड्यूटी डॉक्टर राजपूत ने जिन नर्साें के साथ मृत मरीज की आंखों पर चीटियां रेंगते देखी थी, उन नर्साें पर तो कार्रवाई कर दी गई। लेकिन ड्यूटी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि कलेक्टर ने ड्यूटी डॉक्टर की भी लापरवाही मानते हुए इनके खिलाफ भी निलंबन का प्रस्ताव भेजा है। लेकिन कमिश्नर एमबी ओझा ने ड्यूटी डॉक्टर के खिलाफ सिर्फ जांच के आदेश दिए हैं। कमिश्नर का कहना है कि ड्यूटी डॉक्टर के खिलाफ पहले जांच होगी। इस मामले में सिविल सर्जन, तीन स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय को सीधे सस्पेंड कर दिया है। एक सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया है।
डॉ राजपूत पर पहले भी लग चुके हैं इलाज में लापरवाही के आरोप
16 साल के अनिल रजक निवासी श्रीविहार कॉलोनी फिजीकल शिवपुरी की 10 अप्रैल 2019 को मौत हो गई थी। परिजनों ने मौत का कारण इलाज में लापरवाही बताया। परिजनों का आरोप था कि पहले डॉ एसके पिप्पल को दिखाया तो उन्होंने फीस ली। अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉ दिनेश राजपूत ने ठीक से देखा नहीं। अस्पताल के नजदीक क्लीनिक पर पहुंचे तो यहां डॉ राजपूत ने फीस लेकर इलाज किया। खून की कमी की वजह से अनिल की जान चली गई। परिजन का आरोप है कि लापरवाही की बात सामने आने पर भी अस्पताल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की।






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