
बैराड़। जिले के बैराड़ क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से 5 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनकी बच्ची की तीन दिन से हालत खराब थी, जिसका इलाज वह डॉक्टर के यहां करवा रहे थे। तीसरे दिन हालत खराब होने के कारण इलाज करने से मना कर दिया और कहा अस्पताल लेकर जाओ तभी बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद झोलाछाप डॉक्टर दुकान बंद कर फरार हो गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार विनोद आदिवासी निवासी ग्राम बटवई मगरदा ने बताया कि उसकी बच्ची निशा को तीन दिन से बुखार आ रहा था। इस दौरान वह बैराड़ में धौरिया रोड पर स्थित एक डॉक्टर डीडी सेंवड़ा वालों की क्लीनिक पर गए। वहां बच्ची का इलाज कराया। डॉक्टर ने दो दिन इलाज किया और बच्ची को इंजेक्शन लगाए। जब तीसरे दिन बच्ची का इलाज किया तो उसकी हालत बिगड़ गई और डॉक्टर ने एक गोली देकर कहा कि इसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाओ। जहां बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आ रहे थे, तभी बीच रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं जब घटना का डॉक्टर को पता चला तो वह अपनी दुकान बंद कर फरार हो गया। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी है। कई अबैद क्लीनिक जिले भर में चल रही हैं। लेकिन सीएमएचओ का इन पर कोई ध्यान नही हैं। कोई कार्यवाही नही होती हैं। बड़े अधिकारी कार्यवाही न करकर इनको बढ़ावा दे रहे हैं।






Be First to Comment