Press "Enter" to skip to content

शोक संदेश : नहीं रहे बाग वाले रामसिंह रावत, उठावनी 30 को | Shivpuri News


शिवपुरी- शहर के सिंहनिवास में रहकर अपने गृह ग्राम में इतने अधिक पौधे लगाए कि वह उनका रामसिंह रावत बाग वाले परिवार हो गया और आज वह अपनी 95 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को आकस्मिक छोड़कर चले गए। इससे उनकी इस विरासत को रावत परिवार ने संभाला और अपने ज्येष्ठ पुत्र नारायण सिंह, दयाराम, ईश्वरलाल, जगदीश, उत्तम, पुरूषोत्तम एवं राकेश रावत ने मिलकर संभाला और आज अपने गृह ग्राम स्थित खेतों पर इतने अधिक संख्या में पौधे लगाए कि वह आज वृक्ष के रूप में सभी के सामने मौजूद है। ऐेसे पौधे लगाव रखने वाले स्व.रामसिंह रावत वर्तमान में व्ही.आर.भवन सरकुलर रोड़ शिवपुरी पर परिजनों के साथ निवास कर रहे थे। इसी बीच अचानक गोवर्धन पूजा उपरांत उनका आकस्मिक निधन हो गया। स्व.रामसिंह रावत के बारे में बताया गया है कि उन्होंने अपने जीवन जीने के संस्कार अपने परिवार को दिए वह हमेशा हमारे साथ उनके साथ रहेंगें क्योंकि दादा रामसिंह रावत जिन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दौर मे ही 500 महुयों (इमारती लकड़ी) के वृक्ष लगाए और उन्हें पूर्ण बड़े होने तक कई सालों तक देखरेख कर क्षेत्र में बागवाले के नाम से चर्चित हुए जो आज हम सब लोगों की भी पहचान बनी हुई है और वर्तमान में करीब 250 वृक्ष आज भी जीवित है जो सदैव स्व. दादा रामसिह रावत की याद दिलाते रहेंगे। स्व.रामसिंह रावत जानकी सेना के अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत के दादा थे जिनके आकस्मिक निधन की सूचना मिलते ही शिवपुरी और ग्राम सिंहनिवास स्थित पैतृक निवास पर लोगों का हुजूम उमड़ा। चूंकि शिवपुरी में निवास करते समय उनकी अंतिम यात्रा व्ही.आर.भवन सरकुलर रोड़ से निकाली गई जो उनके पैतृक गांव सिंहनिवास तक पहुंची और वहीं उनके बाग वाले फार्म हाउस पर ज्येष्ठ पुत्र नारायण सिंह रावत द्वारा मुखाग्रिदेकर अंतिम संस्कार की विधि संपन्न की गई। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, जानकी सेना के सदस्य, समाजजन, वरिष्ठजन, पत्रकार, व्यावसाई एवं अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे। स्व.रामसिंह रावत की उठावनी 30 अक्टूबर बुधवार को प्रात: 10 बजे ग्राम सिंहनिवास स्थित बाग वाले फार्म हाउस पर अस्थित संचय के साथ संपन्न होगी। 

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!