शिवपुरी: जिले में चेहल्लुम शरीफ के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी देश की साझी संस्कृति और आपसी भाईचारे की अनूठी ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। इस पावन अवसर पर दोनों समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर एक-साथ शिरकत की और सौहार्द का संदेश दिया। शिवपुरी की यह मिसाल पूरे देश में आपसी प्रेम और एकता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है।
चेहल्लुम शरीफ के दौरान मुस्लिम समाज द्वारा ताजिए के जुलूस में शामिल हुए सभी अतिथियों का फूल-माला पहनाकर और पगड़ी बांधकर भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। मेहमानवाजी की यह दिल को छू लेने वाली परंपरा यहां बरसों से चली आ रही है, जो शहर के आपसी सौहार्द को और अधिक मजबूत करती है।
आयोजन के दौरान पुरानी शिवपुरी इमामवाड़ा, तकिया मस्जिद, नीलगर चौराहा, पुराना बस स्टैंड, पुरानी शिवपुरी, कमलागंज, घोसीपुरा, छावनी, साइंसपुरा और महल रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से ताजियों के जुलूस निकाले गए।
इस अवसर पर शहर काजी वलीउद्दीन सिद्दीकी, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाहा, रामजी व्यास, शशि शर्मा, नलिन भार्गव, राहुल रामजी व्यास,हेमू शर्मा, आशीष शर्मा, जुबेर ख़ान, चाँद ख़ान, सुहैल ख़ान, फ़ारूख़ राईन, सराफ़त राईन, जुनैद अफ़गानी, अपपल ख़ान, सबदर बेग, मिर्ज़ा अशरफ ख़ान, अन्नू ख़ान, समीर ख़ान, पप्पू ख़ान, इरशाद ख़ान, खैरा ख़ान, ज़ाहिद ख़ान, कामिल ख़ान, इस्माइल ख़ान, रहीस ख़ान सहित शहर के तमाम गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
समस्त ताजिया आयोजकों और मुस्लिम समाज द्वारा सभी अतिथियों को दिए गए इस स्नेह और सम्मान के लिए दिल से आभार व्यक्त किया गया है।







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