शिवपुरी। जिले के पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना क्षेत्र के ग्राम रूपेपुर निवासी प्रतिपाल सिंह लोधी ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मायापुर थाना पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दो भैंसें 15 मार्च 2026 को चोरी हो गई थीं, जो 25 जून को वापस उनके घर लौट आईं। इसके बाद 8 जुलाई को रक्षा पाल नामक महिला पुलिस के साथ उनके घर पहुंची और भैंसों पर अपना दावा किया। पुलिस ने गांव से बाहर भैंसों को छोड़कर पहचान का परीक्षण कराया, जिसमें दोनों भैंसें फिर प्रतिपाल सिंह के घर लौट आईं। इसके बाद पंचनामा बनाकर भैंसें उनके पास ही छोड़ दी गई थीं।
प्रतिपाल सिंह का आरोप है कि कुछ दिन बाद दरोगा अजय पटेल ने उन्हें राजापुर बुलाया और दोनों पक्षों के सामने भैंस छोड़ने की बात कही। शिकायत के अनुसार 29 जुलाई को दरोगा ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। पैसे नहीं देने पर उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया, लेकिन उसी रात कथित तौर पर रक्षा पाल से सांठगांठ कर उनकी दोनों भैंसें उसे सौंप दी गईं। अगले दिन जब वह ग्रामीणों के साथ मायापुर थाने पहुंचे तो न तो उनकी शिकायत सुनी गई और न ही उन्हें कोई संतोषजनक जवाब मिला। उनका आरोप है कि दरोगा ने फोन भी नहीं उठाया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि 30 जुलाई को थाना प्रभारी ने उनका लिखित आवेदन लेने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे प्रतिपाल सिंह ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच और अपनी दोनों भैंसें वापस दिलाने की मांग की है।









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