शिवपुरी। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने खनियाधाना क्षेत्र के दो गांवों में होने जा रहे बाल विवाह रुकवा दिए।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें और बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। निर्देशों के पालन में महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर के नेतृत्व में विभागीय पर्यवेक्षकों एवं पुलिस टीम ने चाइल्ड लाइन से मिली सूचना पर ग्राम छिराई और नदावन में 8 मई 2026 को होने जा रहे बाल विवाह को रुकवाया।
संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए समझाइश दी। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित आयु से कम उम्र में विवाह कराने पर दो वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। प्रशासन की समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित सहमति दी कि बच्चों के बालिग होने के बाद ही उनका विवाह किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान पर्यवेक्षक सुनीता सूत्रकार, रंजना उपाध्याय, वैशाली राणा तथा पुलिस विभाग से नरेंद्र पाल, संदीप कुजूर, दिनेश प्रताप सिंह सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।









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