शिवपुरी में किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय किसान संघ ने उपार्जन केंद्रों पर भ्रष्टाचार, मंडियों में अवैध वसूली और बिजली व्यवस्था की बदहाली को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। संगठन ने साफ कहा है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो हजारों किसान भोपाल पहुंचकर सीएम हाउस का घेराव करेंगे। देखिए ये खास रिपोर्ट…
गुरुवार को भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने जिले के 49 गेहूं, चना और मसूर उपार्जन केंद्रों पर भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए।
किसानों का कहना है कि कई केंद्रों पर “सैंपल” के नाम पर 10 किलो तक अनाज काट लिया जाता है और वापस नहीं किया जाता। इतना ही नहीं, प्रति बोरी तौल पर 5 रुपए तक की अवैध वसूली किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
“किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”
भारतीय किसान संघ ने अटलपुर सोसाइटी, बदरवास और मां कैलादेवी वेयरहाउस कोलारस सहित कई केंद्रों का नाम लेते हुए दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं शिवपुरी कृषि उपज मंडी पिपरसमा में लहसुन और प्याज खरीदी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसानों का कहना है कि 42 किलो तौलकर केवल 40 किलो का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही अतिरिक्त कटौती और अवैध वसूली से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान संघ का दावा है कि मंडी में रोजाना 1000 से 1500 ट्रॉलियों की आवक होती है और इन गड़बड़ियों के चलते किसानों से प्रतिदिन 15 से 20 लाख रुपए तक की आर्थिक लूट हो रही है।
ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने कहा कि कई गांवों में बिजली के तार खेतों के ऊपर झूल रहे हैं और पुराने पोल हादसों को न्योता दे रहे हैं। संगठन ने कृषि सीजन से पहले बिजली लाइन और पोल बदलने की मांग की है।
इसके अलावा कृषि मशीनरी पर अधिक अनुदान, उपार्जन केंद्रों पर बड़े फ्लैट कांटों से तौल, ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच और राजस्व विभाग में कथित अवैध वसूली रोकने जैसी मांगें भी रखी गईं।







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