प्रीतम लोधी के करैरा एसडीपीओ के बयान में प्रीतम के समर्थन में कूदने से दामोदर के खिलाफ पार्टी में फैली कलह
शिवपुरी: करैरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ और पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक संगठनों के भीतर घमासान का कारण बनता दिखाई दे रहा है। इस मामले में अब आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आने से पार्टी के भीतर दो फाड़ की स्थिति बन गई है। एक ओर जहां पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं भीम आर्मी से जुड़े रहे सुनील अस्तेय ने खुलकर आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ का समर्थन किया, वहीं दूसरी ओर पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव ने विधायक प्रीतम लोधी के पक्ष में बयान देकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि संगठन के भीतर विचारों का बड़ा टकराव चल रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह विवाद केवल एक बयान का नहीं बल्कि संगठन की दिशा और नेतृत्व की विश्वसनीयता का सवाल बन गया है।
सुनील अस्तेय ने किया था जुवानी हमला: “विधायक हैं या गुंडा, कानून को चुनौती बर्दाश्त नहीं”
एक दिन पूर्व सुनील अस्तेय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से विधायक प्रीतम लोधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “आप विधायक हैं या गुंडा?” उन्होंने आरोप लगाया कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा खुलेआम किसी आईपीएस अधिकारी को “औकात में रहो” और “बंगले में गोबर भरवा दूंगा” जैसी भाषा कहना लोकतंत्र और संविधान दोनों का अपमान है।
सुनील अस्तेय ने कहा कि जनता ने विधायक को कानून बनाने भेजा है, न कि कानून को ललकारने के लिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर कानून के रखवालों को कानून बनाने वाले ही धमकी देंगे तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी। उन्होंने मांग की कि प्रीतम लोधी पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए और ऐसे लोगों को राजनीति से बाहर किया जाए।
सुनील अस्तेय के बयान के बाद यह माना जाने लगा था कि आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का रुख विधायक प्रीतम लोधी के खिलाफ है। उनके बयान ने सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा बटोरी और कई लोगों ने इसे संगठन की आधिकारिक सोच मान लिया।
दामोदर यादव के बयान से मचा बवाल, पार्टी लाइन से हटकर विधायक के समर्थन में उतरे
मामला उस समय पलट गया जब आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव ने खुलकर विधायक प्रीतम लोधी का समर्थन कर दिया। दामोदर यादव ने कहा कि “प्रीतम लोधी मेरे भाई हैं, वह एक बार बोल दें तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। अगर वह आंदोलन करेंगे तो मैं भी उनके साथ रहूंगा।”
दामोदर यादव ने सवाल उठाया कि आखिर एक एसडीओपी किस तरह सत्ता पक्ष के विधायक को धमकी दे सकता है। उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दामोदर यादव ने पार्टी की गाइडलाइन के खिलाफ जाकर भाजपा विधायक का समर्थन किया है।
अंदरखाने यह भी चर्चा है कि दामोदर यादव की यह बयानबाजी उनकी राजनीतिक मंशा को उजागर कर रही है। कई कार्यकर्ता इसे भाजपा की “बी टीम” वाली राजनीति बता रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि जो संगठन पहले प्रीतम लोधी के भाजपा से निष्कासन के समय उनके साथ खड़ा था, वही अब भाजपा में वापसी के बाद उनसे दूरी बना चुका था, फिर अचानक यह समर्थन क्यों?
दामोदर पर उठे सवाल: क्या भाजपा से नजदीकी बढ़ाने के लिए पार्टी में पैदा किया संकट?
दामोदर यादव के बयान के बाद अब संगठन के भीतर उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना पार्टी नेतृत्व की अनुमति भाजपा विधायक के समर्थन में उतरना अनुशासनहीनता माना जा सकता है। इससे यह संदेश गया है कि संगठन के भीतर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है।
सूत्रों की मानें तो दामोदर यादव के इस बयान से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने निजी संबंधों के चलते संगठन की विचारधारा और लाइन दोनों को कमजोर किया है। वहीं, सुनील अस्तेय के समर्थक इसे पार्टी की छवि खराब करने वाला कदम बता रहे हैं।
अब सबकी नजर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी है। क्या पार्टी दामोदर यादव के बयान का समर्थन करेगी? या फिर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी? यह आने वाला समय तय करेगा। फिलहाल इतना तय है कि करैरा का यह विवाद अब केवल विधायक और एसडीओपी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने संगठन के भीतर छिपे मतभेदों को भी उजागर कर दिया है। राजनीति के इस नए घमासान में सबसे ज्यादा नुकसान किसकी छवि को होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
इनका क्या कहना है।
भीम आर्मी संवैधानिक संगठन है एवं संविधान के साथ है ।विधायक की गुंडागर्दी स्वीकार्य नहीं की जायेगी । दामोदर जी का बयान उनका व्यक्तिगत बयान है संगठन की ऐसी कोई प्रतिक्रिया नही है । एसडीओपी को जो धमकी दी गई है उसकी में निंदा करता हूँ ।भारतीय जनता पार्टी की गुंडागर्दी मध्य प्रदेश में सहन नहीं की जायेगी ।
सुनील बैरसिया प्रदेश अध्यक्ष भीम आर्मी मध्य प्रदेश
दामोदर यादव जी का व्यक्तिगत मामला है पार्टी की ओर से प्रीतम लोधी को कोई समर्थन नही है । अगर पार्टी की कोई गाइड लाइन आती तो मैं प्रदेश अध्यक्ष हूँ ऐसा कुछ भी नही है दामोदर जी का व्यक्तिगत मैटर है ।
सत्येंद्र सेंगर विद्रोही प्रदेश अध्यक्ष आजाद समाज पार्टी







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