शिवपुरी। जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर आवाज तेज हो गई है। भारतीय किसान यूनियन एकता ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए ई-उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्थाओं, खाद वितरण में गड़बड़ी और बिजली समस्याओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि ई-उपार्जन प्रणाली और केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण किसान वर्ग परेशान, आक्रोशित और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। किसानों का आरोप है कि बंटवारे के नाम पर उपज का गलत वर्गीकरण किया जा रहा है, जिससे उन्हें समर्थन मूल्य से वंचित होना पड़ रहा है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि उपार्जन केंद्रों पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जहां पैसे के आधार पर उपज पास की जा रही है। वहीं गुणवत्ता युक्त फसल को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। तौल के बाद स्लॉट बुकिंग और ट्रांजैक्शन प्रक्रिया में देरी से किसानों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खाद वितरण व्यवस्था को भी अव्यवस्थित बताते हुए कहा गया कि समय पर डीएपी उपलब्ध नहीं हो रहा और जो मिल रहा है, वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं दिया जा रहा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और मेंटेनेंस की कमी से किसान सिंचाई और अन्य कार्यों में बाधा झेल रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि 24 अप्रैल 2026 तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संगठन ने मांग की है कि उपार्जन केंद्रों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और किसान प्रतिनिधियों को निगरानी समितियों में शामिल किया जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।







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