
शिवपुरी। सोमवार को हुई टीएल बैठक में कलेक्टर शिल्पा गुप्ता और डीपीसी के बीच जबरदस्त हॉट टॉक होने की खबर सामने आई है। विवाद इस हद तक बड़ा कि डीपीसी ने मौके पर ही कलेक्टर को इस्तीफे तक की पेशकश कर डाली और बैठक छोड़कर चले आए। बाद में उन्होंने व्हीआरएस (स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति) का आवेदन भी संभागीय कमिश्नर को भेज दिया है। इसकी पुष्टि खुद डीपीसी ने की है। यहां बता दें कि कभी आरएसएस से संबद्घता तो कभी अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में रहने वाले जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान शिरोमणि दुबे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। खासबात यह है कि डीपीसी करीब साढ़े 6 साल तक शिवपुरी में पदस्थ रहे और उप चुनाव से पहले सांसद सिंधिया द्वारा उनके खिलाफ यह शिकायत चुनाव आयोग को दर्ज कराई गई थी कि वे भाजपा के लिए अघोषित रूप से काम कर रहे हैं। इसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर उन्हें भोपाल डीपीसी के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते महज 4 महीने बाद ही उन्हें पुन: शिवपुरी डीपीसी के पद पर पदस्थ कर दिया गया।
यह है पूरा मामला
सोमवार को कलेक्टर ने साप्ताहिक टीएल बैठक ली थी, जिसमें सीएम हेल्पालाइन के प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान जब करैरा के मतवारी गांव की प्राथमिक पाठशाला के नव निर्मित भवन के जर्जर होने और बारिश का पानी कक्षों में आने की शिकायत को लेकर जब कलेक्टर ने डीपीसी से पूछा तो उन्होंने बताया कि तकनीकि अमले के एई व उपयंत्री से स्थल परीक्षण जांच कराई गई थी। इसमें उनके द्वारा प्रतिवेदन व फोटो उपलब्ध कराए गए हैं और जांच रिपोर्ट में शिकायत निराधार पाई गई है। इसके बाद कलेक्टर ने कहा कि शिकायतकर्ता क्या बेवकूफ है, जो बार-बार शिकायत कर रहा है। आप झूठ बोल रहे हैं। बस यहीं से विवाद की स्थिति बन गई और डीपीसी ने बीच बैठक में खड़े होकर कलेक्टर से कह दिया कि यदि मेरी रिपोर्ट झूठी है तो मैं अभी इस्तीफा लिख देता हूं। इसके बाद कलेक्टर ने स्कूलों में मिल रही अनियमितता को लेकर भी डीपीसी से जवाब तलब किया तो उन्होंने कहा कि मैं तो कई कार्रवाई के प्रस्ताव भेज चुका हूं, लेकिन आपके यहीं फाइल अटकी हुई हैं। इसी बीच एडीएम चौहान ने डीपीसी के इस तरह के कलेक्टर के संवाद पर आपत्ति जताई तो डीपीसी ने एडीएम को भी चुप रहने की हिदायत दे डाली और बैठक से उठकर चले आए। डीपीसी शिरोमणि दुबे ने कहा कि बैठक में मैंने अपनी बात जांच रिपोर्ट के आधार पर रखी थी। कलेक्टर को साधुवाद ईश्वर उनके विवेक को इसी तरह जाग्रत रखे। मैंने वीआरएस का आवेदन कमिश्नर को भेज दिया है।






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