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बरकेश्वर बांध की मांग को लेकर 25 गांवों के ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

यशोधरा राजे से भेंट कर बांध निर्माण की मांग की

शिवपुरी। हिम्मतगढ़, टेंहटा, धौलागढ़, सुभाषपुरा, इंदरगढ़, नयागांव, मझरा, नाड़, लखनपुर, कलोथरा, भैंसोरा, करसेना, भानगढ़, गुरावल, मझरा, कालीमाटी, बमारी, मुडख़ेड़ा, कोटका, गुनाया सहित 25 गांवों के ग्रामीणों ने बरकेश्वर बांध के निर्माण को लेकर डिप्टी कलेक्टर आरके प्रजापति को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि बांध न बनने से उस क्षेत्र के किसान भुखमरी की कगार पर हैं और आत्महत्या करने के लिए विवश हो सकते हैं। यदि बांध बन गया तो किसानों का पलायन गांव से रूक जाएगा। इसके पहले ग्रामीणोंं ने सर्किट हाउस जाकर यशोधरा राजे सिंधिया से भेंट कर उनसे भी बांध निर्माण की मांग की। 
ग्रामीणों का कहना है कि सन 2017 में इस बांध का प्रशासन ने सर्वे किया था पर इसके बाद क्या हुआ किसी को नहीं पता। यदि बांध बन जाता तो इससे किसानों को रोजगार मिलने के साथ-साथ एक नया जीवन भी मिलता। बांध निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण गांधी पार्क मैदान में एकत्रित हुए बाद में वह नारेबाजी करते हुए सर्किट हाउस पहुंचे जहां यशोधरा राजे सिंधिया अधिकारियों की बैठक ले रही थी। यशोधरा राजे सिंधिया ने ग्रामीणों से भेंट कर उनसे कहा कि इस बजट सत्र में इस बांध को मंजूरी नहीं मिल सकेगी, क्योंकि बजट का आबंटन अक्टूबर माह में ही हो जाता है और अगले बजट सत्र में यह काम हो सकता है, लेकिन पहले इंजीनियर सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देंगे। उन्होंने कहा कि जन संख्या और बांध निर्माण पर खर्च हो रही लागत के मान से बांध को मंजूरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा करूंगी। 

सेंवढ़ा तालाब के पास स्थित है बरकेश्वर नदी

ग्राम सेंवढ़ा में एक स्टेट कालीन तालाब है और इस तालाब के समीप से ही बरकेश्वर नदी बहती है। बारिश के दिनों मे इस नदी के आसपास कई इलाकों का पानी आता है और यह पानी बांध न होने के कारण व्यर्थ फेल जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि बरकेश्वर नदी पर बांध बन जाता है तो बारिश का पानी वहां स्टाप होगा और उससे नहर निकाल दी जाए तो जमीन भी सिंचित हो सकेगी। 
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