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बीआरसी को 20 साल की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का इनाम मिला निलंबन…

स्कूल परिसर में प्याज भंडारण मिलने पर तोमर को कलेक्टर ने माना था दोषी
शिवपुरी। कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता शिक्षा विभाग में विशेष दिलचस्पी लेती हैं और आकस्मिक निरीक्षण कर लापरवाहों पर कार्रवाई भी करती हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती गुप्ता ने विगत दिवस सतनवाड़ा क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया इसी दौरान स्कूल परिसर में प्याज भंडारण को लेकर तात्कालिक दोषी मानते हुए कर्तव्य निष्ठ शिवपुरी बीआरसी पर निलंबन की गाज गिरा दी। ये तो वही बात हुई न कि किसी की प्याज और किसी पर कट गयी। कार्रवाई के बाद 20 वर्षों से शिक्षा विभाग में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से सेवाएं देने वाले अंगद सिंह तोमर को निलंबन के रूप में इनाम मिला। 
भृष्ट, लापरवाह और अकर्मण्य अफसरशाही के लिये निलंबन भले कोई महत्व नहीं रखता हो, किन्तु कुर्सी पर बैठकर पद की गरिमा का बेहतर निर्वहन करने बाले स्वाभिमानी व्यक्ति के लिये आपका यह उपहार आजीवन के लिए नासूर बन सकता है….! किसी की प्याज को किसी पर काट देना वाजिब नही…!
कार्रवाई के बाद सवाल यह उठते हैं कि क्या सर्वप्रथम दोषी वह दबंग व्यक्ति नहीं जिसने स्कूल के कमरे में प्याज भरने की हिमाकत की….! क्या दोषी वह संस्था प्रधान नहीं जिसने स्कूल परिसर में प्याज भंडारण करने दिया या दबंग के डर से इस बात को वरिष्ठ अधिकारियों से छुपाए रखा….!  क्या दोषी वे सीएसी नही जिनका मूल काम ही क्षेत्र की शालाओं का सतत भ्रमण करना है…..!
उल्लेखनीय है कि बीआरसी शिक्षा महकमे का वह अदना सा सिपाही है जो सम्पूर्ण ब्लॉक की जबाबदारी रखता है। ऐसे में किसी सूचना पर कार्यवाही न करने पर तो वह दोषी माना जा सकता है किंतु अन्य प्रथम जिम्मेदारों द्वारा जो जानकारी उस तक भेजी ही नही गयी, उसके लिए भी समूचा दोष उसके सर माथे मढऩा कहा का तर्कसंगत है…..! 

मामले की निष्पक्ष हो जांच: खैमरिया
शिवपुरी के बीआरसी अंगद सिंह तोमर मुझे लगता है शिक्षा मिशन में सबसे काबिल शिक्षकों में एक है उनके निलंबन पर कलेक्टर शिवपुरी को पुनर्विचार करना चाहिये। देश के सबसे प्रतिष्टित पब्लिक स्कूलों में एक सिंधिया स्कूल से छात्रवृत्ति कोटे में उनका सिलेक्शन हुआ था वह एक ईमानदार और समर्पित शिक्षक है व्यक्तिगत तौर पर में उन्हें जानता हूं चाहते तो लाखों के पैकेज पर काम कर सकते थे। मैंं कलेक्टर से आग्रह करता हूं कि इस मामले की जांच किसी निष्पक्ष अफसर से करायें।
अजय खैमरिया, अध्यक्ष
बाल कल्याण समिति शिवपुरी
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