
शिवपुरी। सर्दी से बचने हीटर के आगे बैठी महिला आग लगने से
बुरी तरह झुलस गई। जिला अस्पताल से डॉक्टर ने ग्वालियर रैफर कर दिया।
ग्वालियर पहुंचे तो यहां के डॉक्टर ने देखते ही इलाज करने से मना कर दिया।
ऊपर से दावा करते हुए बोला कि मैं गारंटी दे रहा हूं, ये दो घंटे में मर
जाएगी। परिजन घर लेकर आ गए और दो की बजाय 17 घंटे बाद महिला की मौत हो गई।
यदि इलाज मिल जाता तो महिला कुछ दिन और जीवित रह सकती थी।
तूफानी
बाई (28) पत्नी हल्के कुशवाह निवासी रन्नौद 18 जनवरी की शाम हीटर से हाथ
ताप रही थी, तभी साड़ी में आग लगने से झुलस गई। बाहर बैठा पति बचाने आया तो
उसके भी हाथ झुलस गए। रन्नौद अस्पताल से शिवपुरी रैफर कर दिया। जिला
अस्पताल शिवपुरी से डॉक्टर ने ग्वालियर रैफर कर दिया। ग्वालियर में 19
जनवरी की शाम 5 बजे पहुंचे तो यहां मौज्ूद डॉक्टर कहने लगा कि इसे यहां
क्यों ले आए हो, इसका तो अंतिम समय चल रहा है।
मैं
गारंटी दे रहा हूं कि दो घंटे में मर जाएगी, फालतू में फंस जाओगे। डॉक्टर
ने कर्मचारी की तरफ इशारा करते हुए परिजन से कहा कि इसे 400 रु. दे दो,
पट्टी कर देगा। 400 रुपए देने पर पट्टी की। यहां से घर वापस जाने साधन
नहीं मिला तो 4 हजार रु. देकर किराए से वाहन लिया और वापस रन्नौद पहुंच गए।
पुलिस ने बयान दर्ज किया, इलाज कराने वापस शिवपुरी भिजवाया:
महिला के झुलसने की सूचना पर रन्नौद थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी पहुंचे और
महिला के बयान दर्ज कराए। परिजन ने आपबीती पुलिस को बताई। पुलिस ने रन्नौद
अस्पताल से जिला अस्पताल शिवपुरी रैफर कराया। 19 जनवरी की शाम 6.30 बजे
जिला अस्पताल पहुंचे। करीब दो घंटे इलाज के बाद 8.30 बजे ग्वालियर रैफर कर
दिया। एंबुलेंस से ले जाते वक्त सतनवाड़ा के पास महिला की मौत हो गई।





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