जहां-जहां लीकेज हुए वहां दुबारा फिक्सर लगा रही है कम्पनी
शिवपुरी। दोशियान के संचालक रक्षित दोशी का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें 14 अपै्रल तक शहर में सिंध का पानी लाने की अनुमति दे दी है। 14 अपै्रल तक दोशियान शहर की पंाच प्रमुख टंकियां गांधी पार्क, सब्जी मण्डी, कलेक्ट्रेट, पुलिस लाईन, फतेहपुर और करोंदी संपवेल को भरेगी। दोशियान जहां-जहां लीकेज हुए है वहां दुबारा फिक्सर लगा रही है। हालंाकि प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि दोशियान को 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निरंतर प्रयासों के बाद भी जब सिंध जलावर्धन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी दोशियान फिल्टर प्लांट से शहर से तक सिंध का पानी नहीं पहुंचा पा रही थी तो कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने इस पर खुलकर दोशियान के प्रति खुलकर नाराजी व्यक्त की। यशोधरा राजे सिंधिया ने सिंध जलावर्धन योजना की असलीयत जानने हेतु विशेषज्ञ राव को शिवपुरी भेजा। नागरीय प्रशासन विभाग के इएनसी प्रभाकांत कटारे को भी शिवपुरी भेजा गया और दोनों अधिकारियों ने फिल्टर प्लांट तथा मड़ीखेड़ा पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता को परखा और इस बात को जानने का प्रयास किया कि पाईप लाईन में लगातार लीकेज क्यों हो रहे है। दोशियान का कहना है कि दोनों अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि लीकेज दुरूस्त करने के लिए जिस फिक्सर का इस्तेमाल किया जा रहा है वह गुणवत्ता की दृष्टि से ठीक नहीं है जिससे बार-बार लीकेज हो रहे है। इस पर बताया जाता है कि दोशियान ने दिल्ली से नया फिक्सर मंगाया है और इसका उन ज्वाइंटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है जहां लीकेज हुए है। पुन: वहां फिक्सर लगाया जा रहा है। दोशियान सूत्र बताते है कि युद्ध स्तर पर यह काम किया जा रहा है और अगले पांच दिन में 14 अप्रैल तक शहर में सिंध का पानी पहुंच जाएगा।
दोशियान के लिए यह आखिरी मौका
सूत्र बताते है कि प्रशासन ने दोशियान को यह आखिरी मौका दिया है और इस बार भी यदि समस्या नहीं निपटी तो शासन और प्रशासन ने दोशियान को पेकअप करने का निर्णय ले लिया है। दोशियान को टर्मिनेशन नोटिस का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही पीएनसी कटारे ने एक अलग टीम बनाई है जो प्रोजेक्ट का परीक्षण कर यह देख रही है कि दोशियान ने कितना काम गुणवत्तापूर्ण किया है और कितना काम गुणवत्ताहीन किया है। दोशियान को जो पेमेंट हुआ है वह काम से अधिक तो नहीं है। 14 अपै्रल तक पानी न आने की स्थिति में दोशियान को नोटिस दे दिया जाएगा और या तो सिंध जलावर्धन योजना का काम नगरीय प्रशासन विभाग स्वयं देखेगा अथवा इसके लिए नए टेंडर कॉल किए जाएंगे।






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