शिवपुरी। इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। कारण इस बार 14 जनवरी की शाम 7:51 बजे सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए उदय काल यानि 15 जनवरी को स्नान, दान का महत्व माना जाएगा। पं. राजेश शास्त्री के अनुसार इस बार संक्रांति का वाहनसिंह व उप वाहन गज यानि हाथी है। संक्रांति का नाम ध्वंक्षी होगा।
बता दें कि सूर्य ग्रह के एक राशि को छोड़ कर दूसरी राशि में प्रवेश के संक्रमण काल को संक्रांति कहा जाता है। वर्ष में 12 संक्रांति होती है। लेकिन सूर्य के धनु राशि को छोड़ कर अपने पुत्र शनि की राशि में प्रवेश करते हैं। चूंकि इस दिन से सूर्य दक्षिणायान से उत्तरायण हो जाते है।
धार्मिक मान्यता है कि सूर्य के उत्तरायण होते ही देवी देवताओं के दिन शुरू हो जाते है। जबकि सूर्य के दक्षिणायन को देवी देवताओं की रात मानी जाती हैं। पं. राजेश शास्त्री के अनुसार संक्रांति ने इस बार सफेद वस्त्र धारण कर रखे हैं। स्वर्णपात्र में अन्न का भक्षण कर रहीं है। सफेद वस्त्र धारण करने के कारण देश में शांति रहेंगी, लेकिन सफेद वस्तुओं के भाव यानि सूतए कपासए, चावर आदि के भावों में तेजी रहेगी। पं. तिवारी के अनुसार शेयर बाजार, उद्योगपति, व्यापारियों के लिए लाभप्रद व आंतकवादी, भ्रष्ट, देशद्रोहियों के लिए यह कष्टप्रद रहेगी।
संक्रांति पर यह करें : संक्रांति पर्व काल में चांदी या तांबे के कलश में सफेद या काले तिलए सफेद धान, चावल, आटा, चांदी, दूध, माला, रवा, खिचड़ी, गुड़, नारियल, कपड़ा आदि दान करें। स्नान करते समय शरीर पर तिल लेपन करेंए पानी में तिल डाले। सूर्य को अर्घ दें।
मकर संक्रांति का किस राशि पर क्या असर रहेगा
मेष : स्वास्थ्य हानि, स्थानांतरण ।
वृष : मानसिक तनाव, व्यय
मिथुन : भाग्योन्नति, प्रतिष्ठा में वृद्धि
कर्क : सफलता, संघर्ष, संतान चिंता
सिंह : वाहन सुख, लाभ
कन्या : उत्साह, वाहन सुख
तुला : लाभ, प्रतिष्ठा में वृद्धि
वृश्चिक : तनाव, धार्मिक रूचि, संघर्ष
धनु : व्यय, चिंता, रोग
मकर : स्थानांतरण, व्यर्थ कार्य, चिंता
कुंभ : पद हानि, आर्थिक लाभ, स्वास्थ्य लाभ
मीन : उत्साह, भाग्य उन्नति, मांगलिक कार्य






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