
शिवपुरी। शिवपुरी जिला सत्र न्यायालय की
द्वितीय अपर सत्र विशेष न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा ने एक युवती की खरीद
फरोख्त कर उसका दैहिक शोषण किए जाने के मामले में 3 आरोपितों को 11 साल की
सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार गत 12 मई 2017 को थाना कोतवाली
शिवपुरी की महिला प्रकोष्ठ प्रभारी आराधना डेविस को गश्त के दौरान पुराना
बस स्टैंड शिवपुरी पर फरियादिया मिली। उसने बताया कि वह गांव से काम के लिए
बीना आई थी, जहां उसे दिनेश नामक व्यक्ति ने मुकेश धाकड़ निवासी बूड़दा के
साथ यह कहकर भेज दिया कि उसकी बुआजी का पैर टूट गया है। बाद में पता चला कि
उसे 80 हजार रुपये में बेचा गया है। मुकेश धाकड़ उसके साथ मारपीट करता था
और अपने गांव बूड़दा शिवपुरी ले आया था। यहां मारपीट के बारे में फरियादिया
ने देवेंद्र धाकड़ निवासी भानगढ़ को बताया। जिस पर देवेंद्र धाकड़ उसे सतनवाड़ा
आ गया। जहां फरियादिया को कल्ली आदिवासी के घर से रखा गया। वहां पर उसके
साथ जाटव उपनाम वाले युवक ने दुष्कृत्य किया। 12 मई 2017 को देवेंद्र धाकड़
उसे सतनवाड़ा से लेकर पुराने बस स्टैंड शिवपुरी ले आया। जहां उसने महिमा
सिंह नामक महिला और उसके 1 विकलांग साथी सोनू उर्फ शिवकुमार को 60 हजार
रुपये में सौदा तय कर दिया।
पुलिस
ने घटनास्थल पर ही आरोपी देवेंद्र धाकड़, सोनू उर्फ शिवकुमार एवं महिला
महिमा सिंह निवासी सिद्धेश्वर कालोनी को गिरफ्तार कर लिया। देवेंद्र धाकड़
निवासी भानगढ़ शिवपुरी सोनू और शिव कुमार जादौन निवासी ग्राम कोलारा, महिमा
सिंह निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी शिवपुरी, मुरारी जाटव पुत्र नत्थू निवासी
ग्राम हरारा थाना गसवानी और मुकेश धाकड़ निवासी ग्राम बूड़दा थाना गोवर्धन के
विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर की विवेचना शुरू की। न्यायालय में चालान प्रस्तुत
किया। कोर्ट ने देवेंद्र धाकड़, मुकेश धाकड़ को 11 वर्ष के कारावास तथा 3000
रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। महिमा एवं सोनू उर्फ शिवकुमार को
दोषमुक्त कर दिया।






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