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 यूपी विधानमंडल का बजट सत्र 2 फरवरी से। 7.50 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश कर सकती है यूपी सरकार लोकसभा चुनाव से पहले / #उत्तरप्रदेश न्यूज़

लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले यूपी सरकार का यह बजट काफी लोक लुभावन होने वाला है। यूपी सरकार इस बार के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास, नौजवान, महिला और किसान पर फोकस करेगी।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के आयोजन के लिए विधानमंडल की सर्वदलीय बैठक और विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक अब 31 जनवरी की जगह एक फरवरी को होगी। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बैठक की तिथि संशोधन का आदेश मंगलवार को जारी किया।

दो फरवरी को विधानमंडल सत्र के पहले दिन विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सदन में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल अभिभाषण प्रस्तुत करेंगी।

इस बार के बजट सत्र को शनिवार को भी चलाया जाएगा। और तीन फरवरी को शनिवार के दिन भी सदन की बैठक आहूत होगी। बैठक में भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह और सपा विधायक एसपी यादव के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर कार्यवाही स्थगित की जाएगी। वही चार फरवरी को रविवार होगा।

5 फरवरी को पेश किया जा सकता है बजट प्रस्ताव
चुनावी वर्ष में यूपी सरकार अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करेगी जिसका आकार करीब 7.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है।उत्तर प्रदेश विधानमंडल में यूपी सरकार पांच फरवरी को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट प्रस्ताव सरकार की ओर से दोनों सदनों में पेश किया जा सकता है।

7.50 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश होगा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का इस साल का बजट अब तक का सबसे बड़ा अब तक का सबसे बड़ा बजट होने वाला है। वही पिछले साल योगी सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बजट में सरकार राष्ट्रवाद, विकास, नौजवान, महिला और किसान पर फोकस करेगी। और इस साल ये 7.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो सकता है।

वर्ष 2024-25 के बजट में राजस्व व्यय यानी वेतन-पेंशन जैसे मदों में सबसे ज्यादा धन बढ़ेगा। इस मद में पिछले साल की तुलना में लगभग 50 हजार करोड़ रुपए ज्यादा खर्च करना पड़ेंगे। वही केंद्र सरकार अपना अंतरिम बजट एक फरवरी को पेश करेगी। जबकि प्रदेश सरकार पांच फरवरी को अपना पूर्ण बजट लाएगी।

यूपी सरकार ने अपने बजट में किया इजाफा
योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में वर्ष 22-23 में 5.85 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। वही वर्ष 23-24 के बजट में लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपए का इजाफा कर 6.90 लाख करोड़ का बजट सदन में पेश किया था। और इस बार वर्ष 24-25 में इसमें करीब 60 हजार करोड़ से ज्यादा की वृद्धि का अनुमान है।

पिछले साल की तुलना में आगामी वित्त वर्ष में स्वयं के कर राजस्व में करीब 34 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि का अनुमान है। केंद्रीय करों के राज्यांश में भी नए वित्त वर्ष में 25 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिल सकते हैं। केंद्र सरकार से मदद के रूप में मिलने वाले अनुदान में भी 10 हजार करोड़ ज्यादा मिलने का अनुमान जताया गया है।

राजस्व व्यय वर्तमान वित्त वर्ष का करीब 5.02 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया था। 24-25 में ये बढ़कर 5.57 लाख करोड़ हो सकता है। यानी इसमें करीब 55 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। वहीं पूंजी व्यय में केवल 20 हजार करोड़ रुपए ही बढ़ने का अनुमान जताया गया है। 23-24 की तुलना में 24-25 में राजकोषीय घाटे में मामूली वृद्धि के आसार हैं जो महज 4 हजार करोड़ रुपए होगा। वहीं ऋण में 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

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