देवरिया

देवरिया में समलैंगिक युवतियों ने मंदिर में शादी कर ली। यहां ऑर्केस्ट्रा में बतौर डांसर काम करने वाली 4 युवतियां पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिला की रहने वाली हैं। दोनों ने शादी के लिए पहले बाकायदा नोटरी शपथ पत्र बनवाया। इसके बाद मंदिर में शादी की। बताया जाता है कि यह दोनों युवतियां 2 साल से एक साथ पति-पत्नी की तरह रहती थी।
आइए अब जानते हैं क्या है पूरा मामला…
जिले के लार मठ वार्ड निवासी भेड़ियार टोला के रहने वाले मुन्ना पाल चनुकी बाजार में आर्केस्ट्रा चलाते हैं। उनके यहां पश्चिमी बंगाल के ककदीप रिफ्यूजी कालोनी अक्षय नगर, दक्षिण 24 परगना की 2 युवतियां 3 साल से उनके आर्केस्ट्रा में काम करती हैं। पिछले साल से दोनों में गहरी दोस्ती हो गई और साथ रहने लगीं। दोस्ती जब परवान चढ़ी तो दोनों ने समलैंगिक विवाह का निर्णय लिया।

यह फोटो शादी के बाद की है। एक युवती वर के ड्रेस यानी शेरवानी और सर पर टोपी तो वहीं दूसरी युवती ने शादी का जोड़ा यानी साड़ी पहन रखी थी।
8 जनवरी को दोनों ने की शादी
दोनों युवतियों की दोस्ती कब प्यार में बदल गई, किसी को भनक तक नहीं लगी। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खाईं। 30 दिसंबर को आर्केस्ट्रा संचालक और उसके कुछ साथी मझौली राज के दीर्घेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे और दोनों युवतियों की शादी करने की बात कही। लेकिन मंदिर के महंत जगरनाथ महाराज ने जिले के उच्च अधिकारियों की अनुमति न होने का हवाला देते हुए वहां से उन्हें लौटा दिया।
उसके बाद मायूस होकर सभी लोग वापस लौट गए। इसके बाद लड़कियां साथियों संग भाटपार रानी तहसील पहुंचीं, यहां स्टांप पर नोटरी शपथ पत्र बनवाया। 8 जनवरी को दोनों ने मझौली राज के भगड़ा भवानी मंदिर में देवी प्रतिमा को साक्षी मानकर एक दूसरे को वरमाला पहनाई। एक दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार किया और साथ निभाने का वादा किया।
ये दोनों युवतियों का नोटरी शपथ पत्र है…


एक युवती वर के ड्रेस में और दूसरी दुल्हन की तरह थी
मंदिर में शादी के दौरान एक युवती वर के ड्रेस यानी शेरवानी और सर पर टोपी तो वही दूसरी युवती शादी के जोड़ा यानी साड़ी में थी। एक युवती ने दूसरी युवती के मांग में सिंदूर भरी। अब ये समलैंगिक शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस शादी को देखने के लिए मंदिर में लोगों की काफी भीड़ भी इकट्ठा हो गई थी।

एक युवती ने दूसरी युवती की मांग में सिंदूर भी भरी।
तमाम मुश्किलों के बावजूद हमनें शादी की
शादी के बाद युवतियां ने बताया, एक साथ रहते-रहते हम दोनों को प्यार हो गया। हम दोनों ने पति पत्नी के रूप में रहने का इरादा बना लिया था। बहुत सारी समस्याएं सामने आईं। लेकिन हम दोनों अपने किए वादे पर अड़े रहे। आज हम दोनों ने एक-दूसरे के साथ शादी कर ली है।

दोनों युवतियों को पुजारी ने आशीर्वाद दिया।
नोटरी शपथ-पत्र भी बनावाया
दोनों युवतियों का कहना था कि वे बहुत दिनों से एक दूसरे से विवाह करना चाहती थीं। इसके लिए भाटपाररानी तहसील से बाकायदा नोटरी शपथ पत्र भी बनावाया। उसमें स्पष्ट रूप से लिखा कि वे अपनी मर्जी से एक-दूसरे से शादी कर रही हैं। इसमें किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
कुछ दिन पहले शादी करने के लिए दीर्घेश्वरनाथ मंदिर में भी गई थीं। वहां पुजारी ने कहा कि डीएम से अनुमति पर यहां शादी होगी। इसके बाद दोनों ने भगड़ा-भवानी माता मंदिर में शादी करने का फैसला किया। युवतियों का कहना है कि उन्हें किसी की परवाह नहीं। अगर किसी को इससे परेशानी है तो उन्हें जिंदगी के ही बंधन से मुक्त कर दिया जाए।










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