समिति प्रबंधक व गोदाम मालिक द्वारा तोला जा रहा है व्यापारी का अमानक उड़द
लपुराने माल को पाला कर वही रखा जा रहा है गोदाम में
किसानों के नाम पर की जा रही है फर्जी खरीदी
कोलारस।किसानों के नाम पर सरकार को किस तरह लूट जा रहा है इसकी बानगी समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर आसानी से देखने को मिल रही है । समिति प्रबंधक व गोदाम मालिको द्वारा व्यपारियों का माल तोला जा रहा है और अन्नदाता किसान खड़ा खड़ा देख रहा है । किसानों का माल अमानक बताकर लौटाया जा रहा है । सेवा सहकारी संस्था केंद्र राई पर समिति प्रबंधक व गोदाम सेठ द्वारा खुद का माल खपाया जा रहा है ।
जब मीडिया केंद्र पर दोपहर 2 बजे पहुँची तो खरीदी थी बंद
जब मीडिया दोपहर 2 बजे श्री जी वेयर हाउस पहुंची तो वहाँ पर ताला डला हुआ था किसानों से पूछने पर पता चला कि 3 से 4 दिन से खड़े है लेकिन कोई सुनने को तैयार नही है और किसान का माल न तोलकर व्यपारियों का माल तोला जा रहा है ।
कलेक्टर व डी एम ओ को दी जानकारी
जब मीडिया ने इस बात कि जानकारी कलेक्टर शिल्पा गुप्ता व डी एम ओ ऋत्विक टेंमरे को दी तो उन्होंने दिखवाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया । लेकिन देर शाम तक कोई अधिकारी ने खरीद केंद्र पर आने की जहमत नही उठाई ।
लगभग 700 क्विंटल उडद ऑन लाइन किया अपने लोगों के पंजीयन पर
गोदाम मालिक द्वारा करीब 700 क्विंटल उडद समर्थन मूल्य पर ऑनलाइन किया गया है । अभी और भी उडद डालने की तैयारी कर रहे है । कुल मिलाकर शासन के पैसे का लाभ किसानों को न मिलकर समिति प्रबधंक व गोदाम मालिको द्वारा लिया जा रहा है ।
किस तरह लगते है शासन को चूना
अब आपको बताते है कि शासन को किस तरह समिति व व्यपारी चुना लगाते है । समर्थन मूल्य पर उडद का दाम 5600 रुपये प्रति क्विंटल है । व्यापारी के पास सड़ा घुना उडद लगभग 1800 से 2200 रुपए में उपलब्ध है । अब किसान को पंजीयन के बदले 200 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता है 1000 रुपये समिति को ऑनलाइन करने का दिया जाता है ।बाकी मुनाफा पूरा सेठ का होता है इस तरह से शासन को चूना लगया जाता है ।
करोड़ो रूपये का घोटाला आ सकता है सामने
यदि शासन निष्पक्ष रूप से वेयर हाउस की जांच करे तो करोड़ो रुपयों का घोटाला सामने आ सकता है । किस तरह से अन्नदाता का हक मारकर समिति व व्यपारियो द्वारा लूटा जा रहा है । लेकिन आज के प्रकरण के बाद तो लगता है कि जांच करेगा कौन क्योंकि सारे कुएं में ही भांग घुली है ।
इनका कहना है
जब इसकी शिकायत एस डी एम आशीष तिवारी से की तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इसकी जांच करवाते है । कि खरीद केंद्रों पर क्या चल रहा है ।
आशीष तिवारी
एस डी एम कोलारस






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