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अधिकारियों व राजनेताओं का कल्याण करने वाली कल्याणपुर खदान हमेशा रहती चर्चा में | Shivpuri News

बंद खदान कल्याणपुर फिर हुई चालू  
सैकड़ों डंफर से हो रहा अबैध रेत का कारोबार 
सुनील रजक शिवपुरी। करैरा क्षेत्र की कल्याणपुर खदान लगातार शिकायत के बाद कुछ दिन बंद रहने के बाद फिर शुरू हो गई बताया जा रहा है कि कल्याणपुर खदान बंद होने से अधिकारी व राजनेता के चहरे की चमक कम सी दिखने लगी और रेत माफियाओ ने फिर शासन प्रशासन से सांठगांठ कर इस खदान को चालू कर लिया गया 
पपरेडू पंचायत के नाम पर कल्याणपुर के दवरा सानी में चार से पाँच पोकलेन मशीन 6 से 8 पनडुब्बियां को अभयारण्य  क्षेत्र में उतारकर बंदूको के दम पर फिर से रेत कारोबार बड़े स्तर से शुरू कर दिया गया अबैध उत्खनन के क्षेत्र में पूरे जिले में चर्चित कल्याणपुर खदान जो करैरा  से 45  किलोमीटर दूर करैरा अभयारण्य  का ग्राम पपरेडू कल्याणपुर में स्थित है उक्त खदान में रेत माफियाओ का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। सूत्रों के अनुसार इसका मुख्य कारण है की इस कारोबारियों को जिला प्रशासन ओर दो तीन मंत्रियों का संरक्षण प्राप्त है जिस कारण से इन पर जिला प्रशासन कोई कार्यवाही नही करता जिसके कारण रेत माफिया सहित करैरा प्रशासन दिन दूनी रात चौगनी तरक्की कर रहे है । करैरा अनुविभाग के ग्राम  पपरेडू पंचायत को सरकार ने पंचायत की रायल्टी दी लेकिन रेत माफिया दवरासानी से रेत का पोक लेन मशीनो ओर पनडुब्बियों से रेत  निकालने का काम बहुत बड़े स्तर से किया जा रहा है , इस अवैध रेत खदान से प्रतिदिन  100 से 200 डम्फर हर रोज भरे जा रहे है  जिसकी कीमत 20 लाख रुपये के लगभग बताई जा रही  है, कुछ दिन पूर्व माइनिंग के मुख्य सचिव भोपाल की टीम ने शिवपुरी माइनिंग की टीम  के साथ कल्याणपुर में चल रहे रेत कारोबार पर दबिश दी थी जो एक मात्र दिखाबा थी क्योंकि जब टीम वहाँ पर पहुँची तो वहाँ पर सब कुछ शांत माहौल मिला बताया जा रहा है कि जब भी कोई कार्यवाही करने की बात सामने आती तो इसमें शामिल कुछ प्रशासनिक कर्मचारियों दुवारा पहले ही रेत माफियाओ को बता दिया जाता , इससे यह सिद्ध होता है कि  कही न कही प्रशासन भी इस अवैध रेत उत्खनन में शामिल है,  प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था  कि अबैध उत्खनन की शिकायतों पर कलेक्टर दुवारा कार्यवाही न करने पर कलेक्टर को हटाया जाएगा  लेकिन  मुख्यमंत्री जी  जिले में कलेक्टर साहब  को सबकुछ पता होने के बाद भी  करैरा अनुविभाग  के कल्याणपुर दवरा सानी में अबैध रेत का उत्खनन सिंध नदी में बडे स्तर पर किया जा रहा है ।
दस से ग्याहर हजार में  भरा जा रहा डंपर कल्याणपुर के दवरा सानी में  डंपर बालो से 10 से 11 हजार  प्रति डंपर  रुपये लेकर माफियाओ दुवारा खुलेआम अवैध रेत खदान से भरा जा रहा है इस अवैध उत्खनन के  खेल में प्रतिदिन 20 लाख रुपये तक का चूना प्रशासन को लगाया जा रहा है जब ऊपर से अधिकारियों पर दबाव  आता है तो कुछ दिनों तक  खदान  को बंद कर दिया  जाता  है और फिर पुन: शुरू कर दिया जाता है ग्राम  कल्याणपुर के ग्रामीण जगदीश कुमार , मनोज कुमार, राकेश कुमार ,  ने बताया  है कि हम इन रेत माफियाओ के जुल्मो के शिकार हो रहे है अगर कोई ग्रामीण आवाज उठाता है तो उसकी आवाज को दवाने रेत माफिया सहित पुलिस  की धमकी मिलती है और कई लोगो पर रेत माफिय़ाओ दुवारा झूठे मुकदमे भी दर्ज कराए गए। 
रिजर्व फारेस्ट की सीमा में बिना परमिशन के चल रहा कारोबार 
रिजर्व फारेस्ट से रेत के ओवर लॉड डंफरो का परिवहन करैरा अनुविभाग के अभयारण्य क्षेत्र ग्राम पपरेडू के दवरा सानी कल्याणपुर से रिजर्व फारेस्ट से बिना परमिशन के कोई भी रेत से भरे डंफरो की निकाशी नही कर सकता लेकिन करैरा से लगे लंगुरी से सुनारी तक रिजर्व फारेस्ट की  सीमा है ,इसके बाद भी किसके इशारे पर  रिजर्व फारेस्ट की सीमा  में  ओवर लॉड डंपर सड़को पर फर्राटे भर रहे है इस पूरे गोरख धंधे में सम्बंधित अधिकारी की सांठगांठ  से डंफरो का अबैध परिवहन हो रहा है।
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