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डीन व सीएमएचओ के हाथ जोड़कर बोले मंत्री-जनता के लिए खोल दो आईसीयू के ताले-shivpuri news

 करैरा, कोलारस के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर पहुंचे जिला अस्पताल

– डीन ने कहा- तीन दिन का समय चाहिए, मंत्री बोले- चार दिन में खुल जाने चाहिए आईसीयू के ताले

शिवपुरी। प्रभारी
मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को एक दिन के दौरे पर शिवपुरी
पहुंचे। करैरा और कोलारस में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पहले
शिवपुरी जिला अस्पताल में जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए। जब
मंत्री मंच पर पहुंचे और भाषण दे रहे थे। उसी दौरान जनता के बीच से आवाज आई
कि मंत्री जी आईसीयू के ताले तो खुलवा दो दिल के मरीज रेफर हो रहे हैं। इस
पर मंत्री ने माइक पर आवाज देकर डॉक्टरों से पूछा कि आईसीयू पर अब क्यों
ताले लटके हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की डीन इला गुजरिया सीएमएचओ एएल
शर्मा की तरफ हाथ जोड़कर कहा कि मेरी जनता के लिए खोल दो आईसीयू के ताले।
मैं अपनी जनता को परेशान देखना नहीं चाहता। इसी दौरान चेतावनी के अंदाज में
भी मंत्री ने पूछा कि बताओ मुझे कितने दिन में ताले खुल जाएंगे।

डीन और सीएमएचओ ने सिविल सर्जन के साथ मिलकर मंच पर मंत्रणा की और फिर
मंत्री से बोले कि तीन दिन का समय दे दिया जाए। इस पर मंत्री ने कहा कि 1
दिन मेरी तरफ से, लेकिन 4 दिन में ताले खुल जाने चाहिए। इस दौरान मंत्री ने
मंच से ही पूछा कि लड्डू मिल रहे हैं या नहीं तो वहां मौजूद महिलाओं ने
कहा कि लडडू मिल रहे हैं।

10 मिनट की मंत्रणा के बाद मंत्री से बोले अधिकारी-तीन दिन दे दो

मंत्री ने जब डॉक्टरों से आईसीयू के ताले खोलने के लिए कहा तो उन्होंने
विचार के लिए समय मांगा और मंच पर ही डीन, सीएमएचओ व सिविल सर्जन ने 10
मिनट मंत्रणा कर बताया कि तीन दिन में आईसीयू खोल लेंगे। इन तीन दिनों में
मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों सहित अस्पताल के स्टाफ से भी बात कर ली जाएगी।

जनता से चंदा लेकर दूं क्या

मंच पर जब डॉक्टर मंत्रणा कर रहे थे, उसी बीच मंत्री ने फिर टोका पूछा
क्या हुआ कोई परेशानी है क्या। क्या पैसे की परेशानी है तो बताओ मैं जनता
से चंदा लेकर पैसे दूं क्या। इस पर डॉक्टरों ने इनकार किया और कुछ ही देर
बाद बोले कि तीन दिन का समय दे दीजिए।

जब मंत्री और नपा उपाध्यक्ष ने ली सिविल सर्जन की क्लास

 त्री जिस दौरान अस्पताल में थे, उसी समय सांड और आवारा कुत्तों को पकड़ने
वाली टीम मौके पर आ गई। आते ही नपा उपाध्यक्ष को बताया कि जिला अस्पताल में
उनका इलाज नहीं किया जाता। जानवर पकड़ने में कर्मचारी घायल हो जाते हैं,
इलाज निजी अस्पताल में कराना पड़ता है। इस पर उपाध्यक्ष ने सिविल सर्जन को
बुलाया और पूछा कि जब मैंने आपको पत्र लिखा था कि कर्मचारियों का इलाज
सुनिश्चित किया जाए, तब भी आपने कार्रवाई नहीं की। कल शाम को ही एक
कर्मचारी कल्लू को निजी अस्पताल इलाज के लिए ले जाना पड़ा, जहां 1700 रुपए
खर्च आया। इस पर सिविल सर्जन गोबिंद सिंह सफाई देने लगे। इसी बीच बात
मंत्री की जानकारी में आ गई तो उन्होंने भी सिविल सर्जन की जमकर क्लास ले
डाली।

768 दिन से लगे हैं आईसीयू पर ताले

जिला अस्पताल में हंगामे के बाद 20 जनवरी 2017 को आईसीयू पर ताले जड़ दिए
गए थे। 768 दिन बीत जाने के बाद अब प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
ने यह पहल की है। पहले भी जिले के प्रभारी और स्वास्थ्य मंत्री रहे रुस्तम
सिंह के द्वारा भी कई बार वादे किए गए, लेकिन आईसीयू शुरू नहीं हो सका और
ह़दय रोग से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए ग्वालियर और झांसी सहित इंदौर व
दिल्ली जाना पड़ रहा है, जबकि हार्ट अटैक के कई मरीजों की अब तक जान भी जा
चुकी है।

नगर पालिका से माधवराव की फोटो पहुंची अस्पताल

मंत्री
ने जब जिला अस्पताल के कार्यक्रम में स्व. माधवराव सिंधिया की तस्वीर न
होने पर प्रबंधन पर आंखे तरेरीं तो अफरा तफरी मच गई। मंत्री ने कहा कि इस
क्षेत्र के विकास के मसीहा और अंतिम छोर के गरीब तबके की मदद करने की लालसा
रखने वाले नेता की ही तस्वीर नहीं हैं, यह गलत बात है तो पार्षद आकाश
शर्मा भागे भागे नगर पालिका परिषद भवन पहुंचे। नपाध्यक्ष के कमरे से तस्वीर
लेकर अस्पताल पहुंचे।

तीन पहले नहीं आए दो का आज तबादला

एक
तरफ जिला अस्पताल की बेहतरी के प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज खुलने
के बाद हालात बदले हैं, लेकिन आज जब प्रभारी मंत्री ने आईसीयू के ताले
खोलने की कवायद शुरू की है तो इसी बीच से बुरी खबर भी सामने आई है। प्रदेश
सरकार ने आज 75 डॉक्टरों के तबादले की सूची जारी की है, इसमें शिवपुरी जिले
को एक भी डॉक्टर नहीं मिला, बल्कि दो डॉक्टर का तबादला कर दिया गया है।
बीते दिनों प्रसूति योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि में पैसे मांगे
जाने का वीडियो वायरल होने से चर्चा में आए बदरवास के बीएमओ डॉ. रामलखन
पिप्पल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बदरवास से आरोन गुना स्थानांतरण किया
गया है, जबकि जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. ऋषभ प्रताप सिंह यादव चिकित्सा
अधिकारी को छतरपुर स्थानांतरित कर दिया है। कुछ दिन पहले ग्वालियर गजराराजा
चिकित्सा महाविद्यालय से 6 डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर शिवपुरी मेडिकल कॉलेज
के लिए भेजे जाने थे, लेकिन इनमें से तीन डॉक्टरों ने कोर्ट से स्टे ले
लिया था। इन हालातों के बीच जिला अस्पताल का संचालन किस तरह बेहतर ढंग से
हो सकेगा यह देखने की बात होगी।

स्वास्थ्य मंत्री के पत्र से मिल सकती है राहत

प्रदेश
के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इस बीच एक पत्र जारी किया है, जो
राहत की खबर ला सकता है। उन्होंने प्रदेश भर में पत्र भेजकर कहा है कि जहां
भी डॉक्टर या एएनएम की कमी है। उसके लिए स्थानीय स्तर पर मौजूद काबिल
डॉक्टर और एएनएम की भर्ती कर ली जाए। इन्हें वेतन भी सरकार देगी। यदि यह
नीति कामयाब रही तो शिवपुरी जिले को भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में आ रहीं
कठिनाइयों से निजात मिल सकेगी।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर बोले मंत्री-जल्द लूंगा बायपास की जानकारी

शहर
से होकर भारी ट्रेफिक निकल रहा है और इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
दुर्घटनाओं के कारण आए दिन मासूम सहित कई लोगों की मौत हो चुकी है और
फोरलेन का बायपास भी बनकर तैयार हो गया है, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही
इन इससे नहीं हो रही है। इसके पुल पुलिया की टेस्टिंग भी नहीं हुई हैं,
जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में मंत्री ने कहा कि
मैं जल्द ही इसकी जानकारी लूंगा।

रसद माफिया पर कार्रवाई को लेकर बोले मंत्री- प्रमाण दो तो करूंगा कार्रवाई
रसद
माफिया पर कार्रवाई को लेकर प्रभारी मंत्री तोमर ने कहा कि मुझे लोगों ने
जानकारी दी थी कि लोगों के राशनकार्ड गिरवीं रखे हुए हैं। इस पर मैं खुद
मौके पर गया और कार्रवाई की और केस तक दर्ज करवाया गया। मंत्री ने कहा कि
गड़बड़ी के प्रमाण दिए जाएंगे तो कार्रवाई जरूर की जाएगी।
 

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