
सवाल सबसे बड़ा क्या मुन्नालाल कुशवाह की वजह मानी जाए शिबपुरी से लोकसभा चुनाब हारने की वजह
क्या लोकसभा चुनाब में भी वजह यही होगीं की नगरपालिका की वजह से शिवपुरीबासी न खुश होकर कांग्रेस को न चुने
सुनील रजक शिबपुरी। खबर शिबपुरी जिले की हैं जहाँ नगरपालिका की ब्यबस्थाये ठप्प नज़र आती हैं। वैसे तो हम आपको यहाँ बता दे कि नगरपालिका सुर्खियों में बनी रहती हैं। क्या करे काम ही यहां कुछ ऐसे देखने को मिलते हैं। हमेशा से ही नगरपालिका के कामकाज सुर्खियों में बने रहते हैं।
नगरपालिका घोटाले-:
बीपीएल कांड,अतिक्रमण कांड,केबल कांड,सीवर प्रोजेक्ट,सड़को की बात, सिंध लाइन
बात यहाँ अतिक्रमण कांड की, की जाए तो जिस समस्य पूरे शहर में नालों के अतिक्रमण हटाये जा रहे थे तब पूरी नगरपालिका से टीम अतिक्रमण हटवाने में जुट गई। लेकिन जैसे तैसे कई अड़चनों के वाद नगरपालिका अतिक्रमण हटाने में कामयाब भी हो गई। अब आप सोच रहे हो कि इसमें क्या नगरपालिका का घोटाला या यूं कह लो कि जनता की चिंता नही हैं। अब हम आपको बता दे कि अतिक्रमण के बाद अभी तक अतिक्रमण का मलवा नालों से निकाला नही गया हैं। जिसके कारण नालों के पानी का आबागमन बन्द हो गया। इसी कारण कई तरह की बीमारियां नालों के पास रहने बालो लोगो को हुई और उन लोगों को उनका सामना करना पड़ा। ओर शहर की जनता को सबसे बड़ी परेशानी जो हुई हैं। वो भी इसी कारण हुई अब हम आपको बता दे कि परेशानी कैसी??
अतिक्रमण कांड में हुई जनता परेशान ,कांड के बाद भी अभी तक नही हुआ समस्या का समाधान
शहर की जनता इस बार ऐसे बीमारी से लडी जिसका कारण नगर पालिका क्यों है आप यही सोचोगे पर यह हम आपको बता दे कि जो अतिक्रमण नालो का तोड़ा गया था उसकी सफाई न होने से जो पानी रुका हुआ है उसके कारण बीमारी उत्पन्न हुई जैसे कि मच्छर से होने बाली बीमारी DENGU इस बीमारी से शहर की जनता इस कदर लड़ी थी कि इंसान का जीवर दुर्बर हो गया
यहाँ पर सवाल ये उठता है कि अब ये सफाई होगी भी या नही?????
अब बात करते हैं शहर में सीवर प्रोजेक्ट की, आइये नज़र डालिये
सीवर प्रोजेक्ट की बात यहाँ की जाए अब
शहर में सीवर प्रोजेक्ट का कार्य जिस गति से आया था उस गति से अभी तक इसका समापन अधूरा पड़ा हुआ हैं शहर में काम तो आ जाता हैं और शुरू हो जाता हैं। परन्तु शहर की जनता को यही डर रहता कि ये कार्य कब तक पूरा होगा ,होगा भी या नही होगा, कही कोई अड़चन न आ जाये जैसे कि सड़कों का कार्य हुआ जिसमें जनता को मुशीबते झेलते झेलते समस्यायों का सामना करते करते सड़को से निजात मिली पर कुछ जगह अभी भी अधूरी हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी तक शहर को धूल से छुटकारा नही मिला
सवाल क्या मिलेगा छुटकारा या यूं ही चलता रहेगा नगरपालिका का खेल???
आईये अब बात करते है सिंध लाइन की जानिए सिंध से जुड़ी कहानी
सिंध लाइन की बात अब की जाये
शहर की जनता जो काफी प्यासी है और हर साल यही आस में रहती हैं कि इस साल शायद सिंध का पानी उनके घरों तक आ जायेगा पर हर बार कई अड़चने आ जाती है और शहर की प्यासी जनता प्यासी ही रहती हैं।
सवाल क्या शहर की जनता को मिलेगा सिंध का पानी या ओर सालो का करना होगा सामना????
अपने चहेतों के तुरतं काम हो जाते हैं नगरपालिका से नही लगाने पड़ते चक्कर
अपने चहेतों के यहाँ हो जाता हैं।तुरन्त काम नगरपालिका से
नगरपालिका अध्यक्ष अपने चहेतों के यहाँ तुरन्त काम कर देते है। जनता की बात यह की जाए तो बिना किसी ब्यक्ति के बिना किसी अपने आदमी के अध्यक्ष साहब ने कही भी कार्य नही किया। कुछ दिनों पहले अपना बेनर चमकाने के चक्कर मे नगरपालिका अध्यक्ष ने बीच चौराहे पर लगी लाइट की भी दिशा बदल दी थी
अब अपनी ही कॉलोनी में सड़क और लाइन का काम शुरू हो चुका हैं।






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