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वनवासियों को विकास की मुख्य धारा में लाने का काम कर रहा एकल अभियान : बृजकान्त दीक्षित | Shivpuri News

एकल अभियान के तहत बाल गोपाल समागम कार्यक्रम प्रारंभ से पूर्व निकला पथ संचलन
शिवपुरी-सहरिया वनवासियों के उत्थान और उनके कल्याण के साथ राष्ट्र कार्य में एकल अभियान अपना महत्वपूर्ण कार्य इन वनवासियों को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए कर रहा है दूर-दराज अंचलों से यह वनवासी भी आज के वर्तमान परिवेश में नगर के लोगों से मिले, उनके परिवार के साथ बैठे, भोजन करें, दिनचर्या को जीवन में लाऐं, उनमें संस्कारों की नींव मजबूत हो इन्हीं उद्देश्यों को लेकर एकल अभियान द्वारा बाल गोपाल समागम कार्यक्रम किया जाता है ताकि इंसान-इंसान में भेदभाव ना हो सभी को समान अधिकार और समान विचार हो ऐसे कार्य राष्ट्रहित में आवश्यक है। उक्त उद्गार प्रकट किए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक बृजकान्त दीक्षित ने जो स्थानीय जल मंदिर मैरिज हाउस में एकल अभियान अंचल समिति शिवपुरी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर वनवासियों के उत्थान और उनकी मनोदशा बदलने को लेकर अपना सारगर्भित वक्तव्य दे रहे थे। इस अवसर पर विशेष रूप से खेमानन्द केन्द्रीय सह अभियान प्रमुख एकल अभियान मौजूद रहे जिन्होंने भी मंच से एकल अभियान के कार्य को राष्ट्रव्यापी कार्य बताया। कार्यक्रम से पूर्व सर्वप्रथम पथ संचालन एकल अभियान के जिला कार्यालय कमलागंज से निकाला गया जिसमेें दूर-दराज से आए वनवासी भाई-बहिनों ने कदम ताल मिलाकर इस पथ संचलन में भाग लिया। कार्यक्रम में संरक्षक रमेशचंद गुप्ता, एकल अभियान समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र जैन, महिला अध्यक्षा श्रीमती सुरेखा बख्शी, कार्यक्रम में विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, राजेश गोयल रजत, अमन गोयल, देवेन्द्र मजेजी, आशुतोष शर्मा, पं.केदार समाधिया, रमन अग्रवाल आदि सहित एकल अभियान से जुड़े सेवादार मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन आज द्वितीय दिवस के अवसर पर बाल गोपाल समागम के तहत किया जाएगा।
बाल गोपाल समागम के तहत घर-घर पहुंचे बच्चे, बच्चों ने दी प्रस्तुतियां 
दूर-दराज अंचल से आए वनवासी भाई-बहिनों ने कार्यक्रम में अपनी शब्दावली में ही बड़ी रोचक प्रस्तुतियां दी। इसके पूर्व इन बच्चों को अपने घर-परिवार, संस्कार, भोजन, रहन-सहन आदि को लेकर शहर के कई अभिभावक बाल गोपाल समागम के तहत जल मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। जहां दर्जनों परिवारों ने करीब आधा सैकड़ों बच्चों को अपने घर ले जाने की सहमति दी और इस अभियान को सार्थक बनाया। बच्चों के द्वारा गीत-
संग्राम जिंदगी है लडऩा उसे पड़ेगा, जो लड़ नहीं नहीं सकेगा, आगे नहीं बढ़ेगा।।
गीत- जीवन में कुछ करना है तो मन के मारे मत बैठो, आगे-आगे बढऩा है तो हिम्मत हारे मत बैठो।।
गीत- गांव-गांव में आ गया है यह एकल अभियान, मेरा भारत आगे बढ़ेगा, यह है अपना काम…।। 
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