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इफको कीटनाशक दवाइयों पर एक लाख रुपए तक का बीमा : महोलिया-shivpuri news

इफको किसान सभा कार्यक्रम आयोजित
शिवपुरी। किसानों की सहकारी संस्था इफको द्वारा किसान सभा कार्यक्रम शिवपुरी के ग्राम चन्देनी में उप महाप्रबंधक इफको ग्वालियर एसव्हीसिंह, क्षेत्रीय अधिकारी इफको आरके होलिया के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विक्रय अधिकारी इफको बाजार कोलारस के पवन धाकड़ इफको एमसी अधिकारी अर्पित धाकड़ तथा ग्राम सरंपच सहित 45 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
क्षेत्रीय अधिकारी इफको आर के महोलिया ने सभी अतिथियों एवं कृषकों को बताया कि इफको किसानों की संस्था होने के नाते खाद के साथ-साथ इफको की कीटनाशक दवाईयों पर भी बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो कि किसान सुरक्षा बीमा योजना के नाम से चलाई जा रही है। इसमें किसान भाईयो के द्वारा इफको की कीटनाशक दवाईयां समिति अथवा इफको के विक्रय केंद्र इफको ई बाजार से खरीदने पर दवाईयों की वास्तविक कीमत का लगभग सात गुना का दुर्घटना बीमा स्वतः ही हो जाता है, जिसके लिए किसानों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क देय नहीं करना है। इसमें किसान भाईयो के द्वारा खेत में काम करते समय अचानक किसी कारण से जैसे सांप के काटने पर, दवाईयों के जहरीले प्रभाव के कारण या अन्य किसी कारण से मृत्यु हो जाती है तो दवाईयों की कीमत का सात गुना क्लेम किसान को इफको द्वारा दिया जाता है जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपए रखी गई है जो कि 15000 रुपए की दवाईयां खरीदने पर किसान भाई एक लाख रुपए का पात्र हो जाता है। 50 प्रतिशत अंग भंग होने या शरीर में 50 प्रतिशत की क्षति होने पर 50 प्रतिशत की बीमा राशि देय होती है। साथ ही यदि किसान के द्वारा खाद व दवाईयो दोनो खरीदे गए होगे तो दोनों का क्लेम किसान भाईयो को दिया जाएगा, खाद पर भी प्रति बोरी 4000 रुपए का बीमा है जो कि 25 बोरी की अधिकतम सीमा से साथ एक लाख का बीमा है।
उप महाप्रबंधक इफको ग्वालियर एसव्ही सिंह द्वारा किसानों को बताया गया कि जैविक खादों का भी अधिक से अधिक उपयोग करें अनेक प्रकार के जैविक खाद जैसे राईजोबियम, एजेटोबेक्टर, पीएसबी आदि प्रकार के जैविक खादों का उपयोग करने से मृदा उपलब्ध तत्वों को पौधे के लिए उपलब्ध कराते हैं तथा इनका उपयोग करने से रासायनिक खादों के उपयोग में भी कमी आएगी एवं किसान का पैसा बचेगा तथा पैदावार बढ़ेगी। किसानों को जल विलय उर्वरक के उपयोग करने की भी सलाह दी। साथ ही बताया कि सभी किसान भाईयों को नई तकनीकी का उपयोग करना चाहिए, फसल चक्र का ध्यान रखना चाहिए एवं दलहनी फसलो में सल्फर व धान फसलों में जिंक 10 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से उपयोग करना चाहिए क्योंकि शिवपुरी जिले में इन तत्वों की भी कमी पाई जाने लगी है।
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