शिवपुरी। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती सिद्धी मिश्रा ने अपील फौजदारी के प्रकरण चैक बाउंस की धारा 138 नेगोसियेबल इंस्टूमेंट एक्ट के एक मामले में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी की ओर से पैरवी भरत ओझा एडवोकेट द्वारा की गई।
प्रकरण के अनुसार परिवादी शिव शक्ति टे्रडर्स प्रो.सतीश अग्रवाल से आरोपी माखन लाल वर्मा ने अपने गांव में मोबाईल की दुकान हेतु मोबाईल विक्रय एवं रिचार्ज वाउचर विक्रय करने हेतु उधार प्राप्त किए थे। उक्त राशि के एवज में आरोपी ने 1 लाख 10 हजार रूपये का अपने खाते का चैक दिया था परिवादी द्वारा उक्त चैक बैंक में प्रस्तुत किया तो बैंक द्वारा उक्त चैक एकाउंट क्लोज की टीप के साथ परिवादी को वापस प्राप्त हो गया। इसके पश्चात परिवादी ने आरोपी को नोटिस जारी किया जिसका आरोपी ने कोई जबाब नहीं दिया। इसके पश्चात परिवादी ने मामला न्यायालय जे.एम.एफ.सी. शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत किया जहंा माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए एक वर्ष का कठिन कारावास एवं 1 लाख 80 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। उक्त सजा के विरूद्ध आरोपी द्वारा माननीय सत्र न्यायाधीश के समक्ष अपील प्रस्तुत की। उक्त अपील में माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती सिद्धी मिश्रा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के पश्चात निर्णय पारित करते हुए आरोपी/अपीलांट को दोषमुक्त किया है। आरोपी/अपीलांट की ओर से पैरवी एडवोकेट भरत ओझा, महाराज सिंह द्वारा की गई।





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