
शिवपुरी। जम्मू के पुलवामा में हुई आतंकी घटना जिसमें 40 जवान एक साथ शहीद हो गए उन शहीद सैनिकों की शहादत को स्मरण करते हुए रेडक्रास सोसायटी के सचिव डॉ. सीपी गोयल ने बताया कि रेडक्रास सोसायटी के तत्वाधान में गत दिवस नगर की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, नगरवासियों, सेवाभावी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं मीडियाकर्मियों के साथ नगर में पैदल मार्च निकालते हुए तात्याटोपे समाधि स्थल पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस दौरान नगर की सेवाभावी संस्थाएं ग्रामीण बैंक समाजसेवा समिति, लायंस क्लब सेंट्रल, चैंबर ऑफ कॉमर्स, मानवता, भारत विकास परिषद, रोटरी क्लब, नगर के विभिन्न प्रतिष्ठानों के दुकान संचालक, नगर के गणमान्य नागरिक, सेवाभावी लोग जिसमें रामशरण अग्रवाल, सुरेश बंसल, एसकेएस चौहान, डॉ.गोविन्द सिंह, यशवंत जैन, नंदकिशोर ढींगरा, अजय बंसल, डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता, मिलापचंद विरमानी, प्रदीप जैन, शरद जावड़ेकर, सतपाल जैन, विष्णु अग्रवाल, एसएन उपाध्याय, मुकेश जैन, अमित गुप्ता व संजय लूनावत व मीडियाकर्मी आदि शामिल रहे। सभी सेवाभावीजन अस्पताल चौराहे पर एकत्रित हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए तात्याटोपे समाधि स्थल पर पहुंचे यहां तात्याटोपे समाधि पर हाथों में कैण्डल लिए नगरवासियों ने अपनी जलती हुई कैंडल उन शहीदों को समर्पित की जिन्होंने अपनी जान न्यौछावर कर देश के लिए अपने प्राण गंवा दिए। इस दौरान उपस्थितजनों द्वारा दो मिनिट का मौन धारण कर पुलवामा में शहीद हुए शहीदों की शहादात को स्मृत किया।
आगमन संस्था द्वारा कवियों ने पुष्प और मोमबत्ती जलाकर दी शहीदों को श्रद्धांजलि
शिवपुरी। गत दिवस आगमन संस्था शिवपुरी द्वारा पुलवामा मे शहीद हुये भारतीय वीर सैनिकों को श्रद्धा सुमन करते हुये श्रद्धांजली सभा का आयोजन वीर सावरकर पार्क मे किया, जिसमें सर्व प्रथम माँ भारती और वीर सैनिकों की वंदना अजय जैन अविराम ने अपने उदबोधन में करते हुये वातावरण को देश भक्ति पूर्ण करते हुये अपनी जोश से भरी रचना में सुनाया-
वीर शहीदों की कुर्बानी नाहक नही गवाना होगा, मुँह से बात नही होगी अब मुँहतोड़ उसे दिखलाना होगा।
इसके बाद सभी उपस्थित जन समूह और कवियों द्वारा पुष्प और मोमबत्ती जलाकर उन वीर सपूतों को नमन कर अपनी भावांजलि दी गई, जिसमे संस्था के वरिष्ठ कवि और सचिव राकेश मिश्रा, कवि राजेन्द्र शर्मा राही, कवि शरद गोस्वामी, कवि विकास शुक्ल प्रचंड, उमा चरण भार्गव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और साथ ही मौजूद जनमानस ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अंत मे कवि विकास शुक्ल प्रचंड ने आभार प्रदर्शन कर आयोजन के समापन की रस्म को पूरा किया।






Be First to Comment