
शिवपुरी। नगर पालिका परिषद भवन में सोमवार को ताले झूल रहे थे। सभी शाखाओं पर ताले डालकर अधिकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर थे। इसी बीच परिषद भवन में आयोजित हुआ सम्मेलन हंगामें की भेंट चढ़ गया। परिषद में रखे गए एजेंडे के दो बिंदुओं पर बात शुरू हो पाई थी कि तीसरे बिंदु पर ही खासा हंगामा हुआ और महिला पार्षदों ने नपा अध्यक्ष से लेकर सीएमओ तक की जमकर क्लास ले डाली। परिषद का आरंभ पुलवामा में हुए आतंकी हमले में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि सभा के बाद हुआए लेकिन बात शुरू हो पातीए उससे पहले ही महिला पार्षद नीलम बघेल आसंदी पर जा पहुंचीं। उन्होंने अपने वार्ड में पाइप और केबल की समस्या दूर करने की बात सीएमओ सीपी राय से कही।
इस पर जैसे ही सीएमओ ने कहा कि सामान नहीं हैए वैसे ही नीलम उखड़ गईं। उन्होंने कर्मचारियों को बैठक में बुलाने कहा लेकिन सीएमओ ने जैसे ही कहा कि आज सभी अधिकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं तो परिषद में हंगामा होने लगा और सभी पार्षद एक राय होकर बोले कि जब कर्मचारी अधिकारी अवकाश पर थे तो परिषद बुलाई क्यों गई। इधर जब नीलम ने खुद के वार्ड की परेशानी की जानकारी उपाध्यक्ष अन्नाी शर्मा को होने का हवाला देते हुए उपाध्यक्ष से सवाल किया तो खुद अन्नाी भी मुखर हुए और बोले कि पार्षदों की समस्या जायज हैए लेकिन नपा मनमर्जी से चल रही है। यहां एक ही ठेकेदार चार साल से काम कर रहा है। दूसरा टेंडर दोगुनी राशि का आया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 25 परसेंट का खेल चल रहा है क्या। यह सुनते ही परिषद में सनाका खिंच गया।
लाइन फूटी पड़ीए टैंकर चालू नहीं
मेरे वार्ड में लंबे समय से लाइन फूटी पड़ी है। उसे दुरुस्त नहीं किया जा रहा। यह सवाल सीएमओ से पार्षद ने पूछा और सवाल दागा कि ऐसे हालात में जब टैंकर भी अब तक नपा ने वार्ड में भेजना शुरू नहीं किए हैं ऐसे में कैसे जनता को संतुष्ट किया जााए इस पर सीएमओ खामोश बैठे रहे।
जब बज गई पानी घंटी. तब खरीदी की तैयारी
सभी जानते हैं कि जनवरी के अंत में शहर में जलसंकट शुरू हो जाता है। आधी फरवरी बीत गई ऐसे में जलसंकट गहराने लगा हैए लेकिन नपा के कर्णधार जनता के लिए कितने संवेदनशील हैंए इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 18 फरवरी को पानी का परिवहनए पाइपए मोटरए केबल खरीदी पर परिषद में स्वीकृति की बात की जा रही थीए लेकिन परिषद अधूरी रह गई तो काम भी लटक गया है। आज की परिषद में 24 हजार लीटर के टैंकर लगाने के लिए 30 लाखए 12 हजार लीटर के लिए 30 लाखए ढाई हजार लीटर के टैंकर के लिए 80 लाख यानि कुल डेढ़ करोड़ के आसपास पानी के लिएए जबकि 50 लाख की मोटरए 50 लाख का बिजली सामानए 80 लाख की मोटर मरम्मतए जीआई पाइप के लिए 50 लाखए दो साल पहले टैंकरों के रोके गए भुगतान पर भी चर्चा होनी थीए साथ ही सिद्धेश्वर मेले को ठेके पर देनेए बाजार और सब्जी मंडी ठेका वसूलीए विज्ञापनए होर्डिंग ठेकाए मुर्दा मवेशी ठेकाए स्लॉटर हाउस ठेकाए दुकानों की नीलामी पर भी चर्चा होनी थी।
कर्मचारियों को बुलाओ और पूछो काम क्यों नहीं हो रहे
पार्षदों को इसलिए गुस्सा आ रहा था कि उनके वार्ड में लंबे समय से काम नहीं हो रहे। कहीं लाइन फूटी हैं तो कहीं मोटर फुकी हैं। स्ट्रीट लाइट भी ठीक नहीं हैं। इस पर नाराज पार्षदों ने नपा के कर्मचारियों को बैठक में बुलाने की बात रखी। पार्षदों का कहना था कि पहले के सम्मेलनों में भी अधिकारी कर्मचारी नदारद रहते आए हैंए जबकि उन्हीं के कारण शहर में काम नहीं होते। इसलिए आज की बैठक में उन्हें आवश्यक रूप से बुलाया जाएए लेकिन जब सीएमओ ने हाथ खडे कर दिए तो पार्षद हंगामा करने लगे।
आधे घंटे स्थगित की परिषद
जब पार्षद लगातार एक ही मांग पर अड़े रहे कि परिषद में अधिकारियोंए कर्मचारियों को बुलाया जाए और नहीं आएं तो परिषद दोबारा रखी जाए वे बहिष्कार कर देंगे तो नपाध्यक्ष मुन्नाालाल कुशवाह ने कहा कि परिषद स्थगित करने से पहले एजेंडे के जिन बिंदुओं पर किसी को आपत्ती हो वे आपत्ती दर्ज करा दें लेकिन जब सभी पार्षदों ने मिलकर आसंदी को घेर लिया तो नपाध्यक्ष ने आधे घंटे के लिए परिषद स्थगित कर दी और अपने केबिन में जाकर बैठ गएए लेकिन तब भी पार्षद नहीं माने तो बाद में परिषद स्थगित कर दी गई जो बाद में बुलाई जाएगी।
या तो फोन बंद या कर्मचारी उठाते ही नहीं
नगरपालिका के कर्मचारी पहले भी पार्षदों के निशाने पर आते रहे हैं। उन पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। आज भी पार्षदों ने आरोप लगाया कि नपा कर्मचारी बात सुनने को तैयार नहीं रहते यदि फोन लगाओ तो कभी बंद रहता है और कभी लग भी जाता है तो कर्मचारी फोन उठाते नहीं हैं।
तीन महीने में मेला नहीं लगता
उपाध्यक्ष अन्नाी ने कहा कि सीएमओ नपा के कर्मचारियों को काम ठीक से करने की चेतावनी दो। पार्षद परेशान हैं यदि उनकी समस्या नहीं सुनी जाएगी तो वे जनता को जबाव क्या देंगे। कई पार्षद मेरे पास आते हैं या वो मुझे बुलाते हैं तो जनता को पार्षद तो छोडिए मैं भी जबाव नहीं दे पाता। उन्होंने कहा कि तीन महीने में परिषद का यह कोई मेला नहीं लगता कि एक बार लगा और फिर तीन महीने की बात चली गई। उन्होंने कहा कि आज एजेंडे में मोटर डालने और निकालने की प्रशासकीय स्वीकृति चाही जा रही हैए जबकि दर स्वीकृत कराई जानी चाहिए थीए क्योंकि आज अगर टेंडर को बुलाने के बिंदु को स्वीकृति देंगे तो तीन महीने का समय सामान आने में लग जाएगा और तब तक जनता पानी के लिए परेशान हो जाएगी।
जब अधिकारी कर्मचारी नहीं तो घर चलो
बैठक में जब लंबे समय तक अधिकारी कर्मचारियों को बुलाए जाने की बात पर टालमटोल जबाव दिया जाता रहा तो पार्षद आकाश शर्मा ने माइक लेकर पूछा कि बताया जाए कि अधिकारीएकर्मचारी आ रहे हैं या नहीं जब बताया गया कि वे सामूहिक अवकाश पर हैं तो आकाश ने कहा कि जब अधिकारी कर्मचारी ही नहीं तो सभी घर चलो और जब वे आ जाएं तब ही परिषद बुलाना। उन्होंने यहां तक कहा कि जब परिषद पहले से तय थी तो सीएमओ ने आखिर उहें छुटटी कैसे दे दी।
बाउंसरों से घिरे नजर आए सीएमओ
बता दें कि चार दिन पहले पार्षद लालजीत आदिवासी और हरिओम काका ने काम स्वीकृृत न होने से नाराज होकर नपा कार्यालय में ताले जड़ दिए थे जिसके बाद सीएमओ के नेत्रत्व में सभी कर्मचारियों ने नपाध्यक्ष मुन्नाालाल को ज्ञापन सौंपा था और सुरक्षा की मांग की थी। कहा था कि आधी रात को फोन लगाकर जनप्रतिनिधि उन्हें मानसिक प्रताड़ना देते हैं। जिस पर नपाध्यक्ष ने बातचीत से कोई हल निकालने की बात कही थी लेकिन रविवार देर शाम सभी कर्मचारी एक राय होकर सामूहिक अवकाश की सूचना सीएमओ को थमाकर कर्यालय से नदारद हो गए। यहीं कारण रहा कि हंगामे के आसार देख सीएमओ राय बैठक के दौरान बाउंसरों से घिरे नजर आए। बगैर वर्दी पहने कुछ नपा के ही कर्मचारी सीएमओ की ढाल बने दिखाई दिए। जिसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी था।






Be First to Comment