
सुनील रजक शिवपुरी। वैसे पैसों के बारे में कहावत है कि पैसा जरूरत की चीज है, यह बहुत कुछ हो सकता है, लेकिन पैसा सबकुछ नहीं हो सकता। यह कहावत परिवहन विभाग के जिम्मेदारों के लिए अपवाद है क्योंकि यहां पर पैसा ही सबकुछ है। परिवहन के अंतर्गत संचालित सिकंदरा बैरियर पर प्राइवेट लोगों के दम पर खुलेआम वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है। जिसकी खबर नीचे से लेकर ऊपर तक है, लेकिन मोटी घूस के लालची जिम्मेदार इनके खिलाफ कार्यवाही तो दूर इन्हें चेतावनी या नोटिस तक देने की जहमत नहीं उठाते है। सूत्रों की मानें तो बैरियर द्वारा काम सिर्फ सभी लोगों को मैनेज करना होता है जबकि बैरियर पर वसूली प्राइवेट लोगों के द्वारा कराई जाती है। वसूली इस हद तक की जाती है कि यदि कोई वाहन चालक पैसे नहीं देता तो इनके साथ मारपीट तक कर दी जाती है। कटरों के नाम से इस बैरियर पर तैनात इन लठैतों के आगे परिवहन विभाग के वर्दीधारी कर्मचारियों की भी कोई हैसियत नजर नहीं आती। आरटीओ से सीधे संपर्क रखने वाले कटर बैरियर पर तैनात होकर परिवहन कर्मचारियों को आंखें दिखाने से भी नहीं चूकते। संभवत: यही कारण है कि इस बैरियर की राजस्व आय के ग्राफ में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है।






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