शिवपुरी / हमारा काम मशीन ऑपरेटर का है और अधिकारी हमसे उस काम के एवज में कभी
चाय पानी पिलाने तो कभी आराम के लिए बिस्तर लगाने को कहते है। मना करो तो
काम से हटाने की धमकी देते है। आखिर ऐसा कब तक चलेगा। यही नहीं 3 माह हो
जाने पर हमें एक माह का वेतन दिया जाता है। इस संबंध में कड़ी कार्रवाई की
मांग ठेका श्रमिकों ने की।और जनसुनवाई में अपनी समस्याओं का आवेदन भी दिया
पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चाय पानी पिलाने तो कभी आराम के लिए बिस्तर लगाने को कहते है। मना करो तो
काम से हटाने की धमकी देते है। आखिर ऐसा कब तक चलेगा। यही नहीं 3 माह हो
जाने पर हमें एक माह का वेतन दिया जाता है। इस संबंध में कड़ी कार्रवाई की
मांग ठेका श्रमिकों ने की।और जनसुनवाई में अपनी समस्याओं का आवेदन भी दिया
पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डेम पर लगे ठेका श्रमिकों ने शिकायत करते हुए मंगलवार को यह परेशानी
कलेक्टर को बतानी चाही पर सुनवाई नहीं हुई। क्योंकि जनसुनवाई आचार संहिता
लगे होने पर हो नहीं सकी और कलेक्टोरेट में कोई आवेदन लेने आया नहीं। इस
वजह से ठेका श्रमिक तकरीबन 1 घंटे तक कलेक्टोरेट में समूह में खड़े रहे।उनका
कहना था कि 26 डयूटी करने पर यहां 5200 का भुगतान होता है। और तीन महीने
तक श्रमिकों को परेशान किया जाता है। यहां काम सीएस इंजीनियरिंग वर्क्स
बैकुंठ पर रीवा के ठेकेदार हेमसिंह परिहार और सहयोगी आर एस राठौर पर भी कई
आरोप ठेका श्रमिकों ने लगाए और अपने आवेदन पर कार्रवाई की मांग की।





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