
शिवपुरी। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया गया। इस अवसर प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर महेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. रामजी दास राठौर ने बताया कि 17 दिसंबर 1928 को लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए अंग्रेज अधिकारी जेपी. सांडर्स की हत्या शहीदे आजम भगतसिंह, शिवराम राजगुरु एवं सुखदेव ने की थी। इसलिए उन्हें अंग्रेज सरकार द्वारा फांसी की सजा दी गई थी। फांसी 24 मार्च को दी जानी थी, लेकिन अंग्रेज सरकार ने एक दिन पहले ही 23 मार्च 1931 को इन शहीदों को फांसी दे दी। अंग्रेज सरकार को डर था कि कहीं जनआक्रोश ना भड़क जाए और हमारे देश के वीर शहीद हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए।






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