शिवपुरी: जब भी खिड़की से झांककर देखते हैं तो बाहर जलती हुई गाड़ियां या इमारत नज़र आती है। कभी फायरिंग तो कभी सिलेंडर फटने की आवाज आती है। कैंपस में अभी तो सुरक्षित हैं क्योंकि हमारे पीछे ही असम राइफल्स है, लेकिन हर वक्त मन में अनहोनी का डर बना रहता है। यह कहना है प्रदेश के 13 युवाओं के साथ मणिपुर की राजधानी इंफाल में खुमान लंपक स्टेडियम के हास्टल में फंसे शिवपुरी के करैरा का मनोज पाल का. वह किसी तरह अपने गांव वापस लौटने के लिए सरकार की मदद की राह देख रहा है। नरवर की जनपद अध्यक्ष प्रियंका पाल ने मनोज सहित सभी छात्रों के जल्द रेस्क्यू के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा है। बता दें कि मनोज के पिता पातीराम पाल करैरा आईटीबीपी में पदस्थ हैं.
मनोज पाल ने बताया की एक दिन पहले साथी के पास उनके जिले के कलेक्टर का फोन आया था और उन्होंने मदद भेजने की बात कही थी। अभी तक शिवपुरी से किसी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने उनसे संपर्क नहीं किया है। यहां पर इंटरनेट बंद कर दिया गया है और कभी-कभी फोन काल भी नहीं लगते हैं। इसके कारण हम भी ठीक से अपनी बात नहीं पहुंचा पा रहे थे और हमारी कोई सुन भी नहीं रहा था। घर पर काल करके माता-पिता को सारी स्थिति बताई। अब बताया गया है कि सोमवार को हमारे टिकट करा दिए जाएंगे। मनोज ने बताया कि कल ही खिड़की के बाहर देखा एक धार्मिक स्थल में आग लगा दी थी। करीब 8 घंटे तक तक सिलेंडर फटने की आवाजें भी आती रहीं। जब हिंसा शुरू हुई थी तो स्टेडियम के सामने भी फायरिंग हुई थी।
मनोज ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि आप लोग अपनी राज्य सरकार से संपर्क करें और अपने टिकट करा लें। जैसे ही आपके टिकट हो जाएं तो हमें सूचना दे दें। इसके बाद आपको सुरक्षा के साथ एयरपोर्ट तक पहुंचा दिया जाएगा। अब तो बस सरकार से टिकट का इंतजार है।






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