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डिवाइडरों से जाली गायब, तो पार्क के नाम पर सिर्फ बाउंड्री; उपाध्यक्ष बोले- नए सिरे से शुरू होगा काम / Shivpuri News

शिवपुरी: नगर परिषद करैरा में वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री अधो संरचना के तहत सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी नगर का विकास नहीं हो पाया। डिवाइडर निर्माण पर जाली ग्रिल छह महीने भी नहीं चल पाईं। 25 लाख से अधिक राशि खर्च करने के बाद यह कबाड़ा हो गई है। इतना ही नहीं कबाड़ा बनी यह जाली चोरी भी हो गई हैं। करैरा नगर परिषद में तीन सालों में 5 से 6 करोड़ रुपए सौंदर्यीकरण के लिए खर्च हुए हैं, लेकिन सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ।


पार्क निर्माण में लाखों खर्च

करैरा नगर परिषद ने स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 80 लाख की लागत से करैरा बस स्टैंड के अंदर बने पार्क के निर्माण में 28 लाख रुपए खर्च हो गए। काम आज भी अधूरा पड़ा है। यह ना तो पार्क जैसा लग रहा है, ना ही खेलकूद का मैदान लग रहा है। यहां केवल चारों तरफ से बाउंडरी करके जमीन को सुरक्षित करके छोड़ दिया है। जिसमें सुबह-शाम असामाजिक तत्वों का हुजूम लगता है। इसके अलावा फिल्टर रोड़ महुअर नदी के पास और पुरानी तहसील न्यायालय के पास जो पार्क बने हैं, इन दोनों को मिलाकर करीब 20 लाख खर्च हो गए हैं।

इनका कहना है

अश्वनी शर्मा, एडवोकेट करैरा ने कहा कि करैरा नगर में जितने भी विकास कार्य हुए सभी निर्माण कार्य अमानक और घटिया हुए हैं। इनकी अगर निष्पक्ष रूप से जांच करा ली जाए, तो मालूम पड़ेगा कि लाखों रुपए के कमीशन का खेल हुआ है।

राजीव सिकरवार, उपाध्यक्ष नगर परिषद करैरा ने कहा कि नगर में जो पार्क बने हैं, इनका काम नए सिरे से फिर शुरू किया जाएगा। जहां-जहां डिवाइडर पर ग्रिल टूटी पड़ी है उनको भी ठीक कराया जाएगा।

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