शिवपुरी। बैराड़ थानांतर्गत ग्राम पटेवरी से गायब हुए वृद्ध की हत्या उसी के दोस्त ने उधारी के पैसे वापस मांगने पर की थी। हत्यारोपित मृतक को उधारी के पैसे दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। पुलिस ने हत्यारोपित को जौरा से गिरफ्तार कर लिया है। मनीराम की हत्या को सात दिन बीतने के बाद भी उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ। तीन दिन से ग्रामीण उसके शव को रखकर चक्काजाम कर रहे थे। काफी समझाइश के बाद शनिवार को उसकी अंतेष्टि की गई। तब तक शव पूरी तरह से सड़ चुका था। गांव का बाजार भी इस कारण दो दिन से बंद था।
उल्लेखनीय है कि गत 23 जुलाई से पटेवरी गांव निवासी 55 वर्षीय मनीराम धाकड़ अचानक गायब हो गया था। 24 जुलाई की अल सुबह डबरा लिंक रोड पर पुलिस को किसी अज्ञात व्यक्ति की लाश पड़ी मिली। डबरा पुलिस मृतक की शिनाख्त करती रही लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा। मनीराम कई घर पर बिना बताए रिश्तेदारों के चला जाता था इसलिए स्वजन ने भी खबर नहीं ली। काफी दिन होने पर 28 ुजुलाई स्वजन ने गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद शिनाख्त हुई कि डबरा में मिली लाश मनीराम की थी। जब मनीराम की हत्या की खबर गांव में फैली तो गांव के ही कुछ लोगों ने मनीराम के स्वजनों को बताया कि दादा (मनीराम) को तो 23 जुलाई के रात 8 बजे गांव के उनके दोस्त रघुवीर धाकड़ के साथ देखा गया था। इस जानकारी के बाद जब रघुवीर धाकड़ की तलाश की गई तो वह भी गांव से गायब मिला। अंततः जब पुलिस ने रघुवीर के स्वजनों सहित अन्य प्रयासों के माध्यम से रघुवीर की तलाश कर उसे 29 जुलाई की देर रात जौरा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद रघुवीर धाकड़ ने मनीराम की हत्या की बात स्वीकार कर ली। मनीराम ने रघुवीर को सिंहनिवास के किसी व्यक्ति से पांच लाख रुपये उधार दिलवाए थे। 23 जुलाई को रघुवीर उन्हें डबरा से पैसे दिलवाने के बहाने अपनी कार में बिठा कर ले गया और कुल्हाड़ी मारकर उसकी हत्या कर दी।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, पहुंची पुलिस, आश्वासन पर अंतिम संस्कार
मनीराम की हत्या के मामले में डबरा पुलिस ने रघुवीर को नामजद आरोपित नहीं बनाया। इस कारण मनीराम के स्वजन दो दिन से लाश को गांव के चौराहे पर रखे हुए थे। आज गांव वाले भी स्वजनों के साथ विरोध पर उतर आए तो पोहरी एसडीओपी सैयद सुहेल मुमताज गांव पहुंचे। गांव में विरोध की स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात रही। वहीं ग्वालियर पुलिस अधीक्षक ने मनीराम के स्वजनों को आश्वासन दिया कि हत्यारे किसी भी हालत में नहीं बचेंगे आप अंतिम संस्कार कर दें। इधर मनीराम की हत्या को सात दिन हो चुके थे। ऐसे में उसकी मृत देह सड़ांध मारने लगी थी और उसमें कीड़े भी पड़ गए थे। हवा के कारण यह बदबू पूरे गांव में फैल रही थी। ग्रामीणों ने भी स्वजनों को समझाइश दी तो वह अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। शनिवार को दोपहर तीन बजे के बाद मनीराम का अंतिम संस्कार किया गया।
सुनील धाकड़ ने करवाया था अपहरण
मृतक के स्वजनों ने यह भी बताया कि रघुवीर ने हत्या की इस घटना से खुद को दूर करने के लिए एक अन्य कहानी भी रची थी। रघुवीर ने पुलिस को बताया कि उसने मनीराम का अपहरण रायपुर निवासी सुनील धाकड़ के कहने पर किया था। इस अपहरण के एवज में सुनील ने उसे पांच लाख रुपये देने की बात कही थी। यह कहानी इसलिए रची गई क्योंकि सुनील के सरपंच के चुनाव में मनीरात ने उसके खिलाफ प्रचार किया था इसलिए रघुवीर को लगा कि पुलिस और ग्रामीण इस कहानी पर भरोसा कर लेंगे।






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