शिवपुरी। मिर्जापुर उप्र के चुनार थाना क्षेत्र में स्थित सक्तेशगढ़ आश्रम में गुरुवार की सुबह शिवपुरी से हत्या के मामले में फरार चल रहे एक युवक ने आश्रम में रहने वाले एक संत को गोली मारकर मौके पर ही खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक पर शिवपुरी में भी हत्या सहित मारपीट के प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवपुरी की करैरा तहसील के ग्राम छितरी निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र स्व. सीताराम बैस उर्फ जीवन उर्फ जीतू बाबा ने गुरुवार को मिर्जापुर उप्र के चुनार थाना क्षेत्र अंतर्गत सक्तेशगढ़ आश्रम पर सुबह करीब पौने आठ बजे 315 बोर के कट्टे से पहले तो आश्रम में रहने वाले संत (सेवादार) आशीष बाबा को गोली मार दी। गोली आशीष बाबा की पीठ में जाकर लगी। आशीष बाबा को गोली मारने के बाद जीतू बाबा ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को जीत बाबा दो कट्टे बरामद हुए हैं। एक से उसने आशीष को गोली मारी और दूसरे से खुद में गोली मारी। जितेंद्र ने करीब डेढ़ दशक पूर्व शिवपुरी के देहात थानांतर्गत पीएसक्यू लाइन में एक युवक की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया था। युवक को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। युवक को सजा होने के बाद वह सेंट्रल जेल में बंद था तभी मौका पाकर वह सेंट्रल जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। उस समय के बाद यह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। सूत्र बताते हैं कि फरारी काटते हुए ही जितेंद्र सिंह बैस कुछ साल पहले सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंच गया। जितेंद्र पहले तो आश्रम पर कई दिनों तक आता जाता रहा। इसके बाद आश्रम को भ्रमित करते हुए अपनी सच्चाई छिपाकर वहां रहकर सेवा कार्य करने लगा। इसी क्रम में जब आश्रम को जीतू बाबा उर्फ जितेंद्र बैस की सच्चाई पता चली तो इसे आश्रम से भगा दिया गया था। बताया जा रहा है कि इसी क्रम में बाबा भक्तों की भीड़ में वेश बदलकर पेंट शर्ट पहन कर आश्रम पहुंचा था। जितेंद्र ने आज सुबह पहले तो आशीष बाबा को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। चुनार थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।






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