शिवपुरी। जिले के करैरा अनुविभाग क्षेत्र में गोवंश में लंपी वायरस के मामले सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के कई गांवों में गायों में लंपी बीमारी के लक्षण दिखाई देने की बात सामने आई है। पशुपालकों का आरोप है कि करैरा और दिनारा के पशु चिकित्सालयों में लंपी वायरस की वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में समय पर टीकाकरण नहीं होने पर बीमारी के अन्य पशुओं में फैलने का खतरा बना हुआ है।
ग्राम टकटकी निवासी किसान लखन सिंह लोधी ने बताया कि उनकी एक गाय लंपी वायरस से संक्रमित हो गई है। बीमारी के चलते गाय ने कई दिनों से खाना-पीना छोड़ दिया है और दूध देना भी बंद कर दिया है। इससे परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वैक्सीन की कमी का आरोप
क्षेत्रीय निवासी दुर्ग सिंह लोधी ने बताया कि करैरा और दिनारा के पशु अस्पतालों में लंपी वायरस की वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया गया तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
करीब आधा दर्जन मामले सामने आए
करैरा पशु चिकित्सालय के चिकित्सक अरविंद नरवरिया ने बताया कि क्षेत्र में लंपी वायरस के करीब आधा दर्जन मामले सामने आए हैं। संक्रमित पशुओं का उपचार किया जा रहा है और उनका टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। पशु चिकित्सालय की टीम प्रभावित पशुओं की लगातार निगरानी कर रही है।
क्या हैं लंपी वायरस के लक्षण?
लंपी स्किन डिजीज गोवंश में होने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसमें पशुओं के शरीर पर गांठें या घाव, तेज बुखार, कमजोरी और खाना-पीना कम करने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और टिक जैसे खून चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलती है।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग रखें और पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं के बाड़े में साफ-सफाई रखने, मच्छर-मक्खियों की रोकथाम करने और समय पर टीकाकरण कराने से संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।







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