शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में मरीज को अटेंड न करने और बिना हस्ताक्षर रेफर किए जाने के मामले में दो जूनियर डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मृतक के बेटे ने डॉक्टरों पर मरीज का उचित उपचार नहीं करने और रेफर करने के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति की जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर आकस्मिक चिकित्सा विभाग के जूनियर रेजीडेंट डॉ. राज यादव और मेडिसिन विभाग की जूनियर रेजीडेंट डॉ. प्रियंका ठाकुर को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
मरीज को बिना देखे रेफर करने का आरोप
वायरल वीडियो में मृतक के बेटे ने आरोप लगाया था कि उनके पिता को उपचार के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लाया गया था। उनका कहना था कि अस्पताल पहुंचने के समय पिता की स्थिति सामान्य थी, लेकिन जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें ठीक से देखे बिना रेफर कर दिया। बाद में एंबुलेंस से ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
दो डॉक्टरों को चेतावनी पत्र
जांच में मरीज को समय पर नहीं देखने और बिना हस्ताक्षर रेफर किए जाने के लिए दो अन्य चिकित्सकों को भी जिम्मेदार माना गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मेडिसिन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. रीतेश यादव और आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मल कदम को चेतावनी पत्र जारी किया है।
प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।







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