शिवपुरी। शहर के वार्ड नंबर 16 स्थित बस्ती आदिवासी मोहल्ले के रहवासियों ने मोहल्ले में कथित रूप से कच्ची शराब की बिक्री किए जाने को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। रहवासियों ने कुछ लोगों पर आए दिन कच्ची शराब बेचने का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई कर शराब बिक्री बंद कराने की मांग की है।
कलेक्टर को दिए आवेदन में मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि राजा आदिवासी पुत्र गयाजीत आदिवासी, अर्जुन पंडित, कृष्णा आदिवासी, गोविंदा आदिवासी और धम्मा यादव द्वारा कथित रूप से कच्ची शराब बेची जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शराब खरीदने के लिए दिन-रात लोगों का मोहल्ले में आना-जाना लगा रहता है।
रहवासियों के मुताबिक शराब के नशे में कुछ लोग मोहल्ले में गाली-गलौज करते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि शराब की वजह से उनके परिवार आर्थिक परेशानियों से भी जूझ रहे हैं और घर के जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायत करने पहुंची महिलाओं ने बताया कि शराब की वजह से कई परिवारों में विवाद और आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। महिलाओं का आरोप है कि उनके पति शराब के लिए पैसे मांगते हैं, जबकि कई बार घर में खाने-पीने की जरूरी सामग्री तक उपलब्ध नहीं होती। महिलाओं ने प्रशासन से शराब की बिक्री बंद कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे वे अपने परिवार का बेहतर तरीके से भरण-पोषण कर सकेंगी।
महिलाओं ने मोहल्ले में एक युवक की शराब पीने के बाद आत्महत्या से मौत होने का भी दावा किया। महिलाओं का कहना है कि शराब के दुष्प्रभावों से परिवारों और बच्चों को बचाने के लिए मोहल्ले में शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगना जरूरी है।
शिकायत में रहवासियों ने बताया कि कच्ची शराब की बिक्री बंद कराने के लिए पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया था, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नाराज मोहल्लेवासियों ने एक बार फिर कलेक्टर के समक्ष शिकायत पहुंचाकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
आदिवासी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि मोहल्ले में कथित रूप से कच्ची शराब की बिक्री बंद नहीं हुई तो वे शराब बेचने वालों के घरों तक जाकर वहां रखी शराब को बाहर फेंककर विरोध दर्ज कराएंगी।
रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वार्ड नंबर 16 के बस्ती आदिवासी मोहल्ले में कच्ची शराब की कथित बिक्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।







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