शिवपुरी। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 जून 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश के बाद भी जनपद पंचायत खनियाधाना में पदस्थ प्रभारी इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता को करीब 50 दिन बीत जाने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे लेकर शासन के निर्देशों के पालन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शासन की स्थानांतरण सूची में सुरेंद्र गुप्ता का नाम 38वें क्रम पर दर्ज है और उनका तबादला अशोकनगर किया गया है। स्थानांतरण नीति के अनुसार संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को अधिकतम 14 दिनों के भीतर कार्यमुक्त किया जाना अनिवार्य है, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया।
शासन की स्थानांतरण नीति की खंडिका 46 के अनुसार स्थानांतरण के दो सप्ताह बाद संबंधित अधिकारी उस कार्यालय से वेतन आहरित नहीं कर सकता, जहां से उसका तबादला हो चुका है। ऐसे में इस मामले में नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, जनपद पंचायत खनियाधाना के तत्कालीन सीईओ मोगराज मीणा का स्थानांतरण रायसेन होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया। इसी प्रकार पीआई दिनेश गुप्ता को भी समय पर रिलीव कर दिया गया, जबकि प्रभारी इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता अब तक कार्यमुक्त नहीं हुए हैं।
स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








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