शिवपुरी की मनियर क्षेत्र निवासी रानी आदिवासी अपने बेटे के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए पिछले डेढ़ साल से संघर्ष कर रहीं हैं। उनके ढाई वर्षीय बेटे जस्सी की मौत 5 अक्टूबर 2022 को हुई थी।
रानी मूल रूप से भोपाल के नारियल खेड़ा की रहने वाली हैं। उनके पहले पति मंजीत पंजाबी के छोड़ देने के बाद वो शिवपुरी आ गईं। यहां कचरा बीनने का काम करते हुए लखन कुचवंदिया के संपर्क में आईं।
बेरहमी से पीटा, दीवान के बक्से में किया बंद
लखन शराब के नशे में रानी और उनके बेटे के साथ मारपीट करता था। 4 अक्टूबर 2022 की रात उसने जस्सी को बेरहमी से पीटकर दीवान के बक्से में बंद कर दिया। इस कारण बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने लखन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जहां उसे सजा भी हो गई।
रानी ने नगर पालिका शिवपुरी में मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। प्रमाणपत्र न मिलने से वो आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रही हैं। इस दस्तावेज के अभाव में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।





