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सुनारी हाई स्कूल की जमीन पर अवैध परकोलेशन टैंक! सरपंच पति की दबंगई से बच्चों की सुरक्षा खतरे में / Shivpuri News

सरकारी स्कूल की बाउंड्री के अंदर जबरन बन रहा मिनी डैम, प्राचार्य के विरोध पर मिली धमकियां, प्रशासन मौन

करैरा: करैरा अनुविभाग के ग्राम सुनारी में सरपंच पति मायाराम केवट की दबंगई का नया मामला सामने आया है। यहां शासकीय हाई स्कूल की बाउंड्री के अंदर अवैध रूप से परकोलेशन टैंक (मिनी डैम) का निर्माण करवाया गया, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा ज पर भविष्य में खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के विरोध और स्कूल प्राचार्य की शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

6 महीने पहले दी गई थी शिकायत, प्रशासन ने नहीं की कोई जांच!

स्कूल प्राचार्य ने 6 महीने पहले ही सुनारी पुलिस चौकी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और BRC को इस अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन अब तक न तो कोई जांच हुई और न ही स्कूल की जमीन का सीमांकन किया गया। प्रशासन की लापरवाही और सरपंच पति की दबंगई के चलते अब परकोलेशन टैंक में पानी भर चुका है, जिससे स्कूली बच्चों के लिए खतरा और बढ़ गया है। बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

बच्चों के लिए जानलेवा बन सकता है यह डैम

स्कूल परिसर के अंदर पानी भरने से छात्रों के डूबने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। यह मैदान बच्चों के खेलकूद के लिए उपयोग होता था, लेकिन अब इसमें हर समय पानी भरा रहेगा, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

प्राचार्य को मिली जान से मारने की धमकी

जब स्कूल प्राचार्य को इस निर्माण कार्य की जानकारी मिली, तो वे शाम 5 बजे मौके पर पहुंचे। वहां तीन ट्रैक्टरों से मिट्टी डाली जा रही थी। जब उन्होंने इसका वीडियो बनाया, तो ट्रैक्टर चालकों ने धमकाते हुए कहा—

“आप अपनी नौकरी टाइम से कीजिए, हमारे पर्सनल काम में दखलअंदाजी मत करिए, नहीं तो यहां नौकरी भी नहीं कर पाओगे और इस गांव में भी नहीं रह पाओगे!”

इतना ही नहीं, प्राचार्य को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई। जब वे सरपंच पति मायाराम केवट से मिलने गए, तो उसने साफ कहा—

“हम तो डैम यही बनवाएंगे, जो करना हो कर लो!”

ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन की चुप्पी

कुछ ग्रामीणो ने बताया कि गाँव मे सरपंची तो दूसरे लोग चलाते है यह तो डमी सरपँच है।  यहां हिटलर शाही अंदाज चलता है प्रशासन भी कोई सुनवाई नही करता है।

अगर हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।

अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर कोई और मुद्दा हो सकता है? प्रशासन की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इनका क्या कहना है ।

6 महीने पहले में यहां बीईओ नही था, मेरे पास शिकायत आई होती तो दिखवा लेता , प्राचार्य दोबारा आवेदन दे मुझे में कार्यवाही के लिये  वरिष्ठ अधिकारियों को भेजूंगा ।

रामकृष्ण शिवहरे बीईओ नरवर

मेरे संज्ञान में कोई जानकारी नही है एक बार मुझे शिकायत भेजे फिर दिखवाता हु

ऐपी प्रजापति जनपद सीईओ नरवर

मैने सुनारी चौकी, बीईओ , बीआरसी तीनो जगह आवेदन दिये , मेरे साथ दबंगो ने गाली गलौज की मैने सब सहन किया लेकिन प्रशासन ने कोई मदद नही की , हर जगह आवेदन दिये जिनकी रिसिवड भी मेरे पास है ।

नवल किशोर भार्गव प्राचार्य हाईस्कूल सुनारी

घर पर नही है जब आ जायँगे तो बात करवा देंगे

रामश्री केवट सरपँच सुनारी